06 June, 2026 (Saturday)

दिल्ली के खराब मौसम का असर स्कूल, दफ्तर के बाद सुप्रीम कोर्ट पर भी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए कहा

दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा छाया हुआ है. प्रदूषण ने भी यहां विकराल रूप धारण कर लिया है.
दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी बहुत खराब है.
दिल्ली में खराब मौसम और प्रदूषण के चलते सुप्रीम कोर्ट में हाइब्रिड मोड में सुनवाई की सलाह दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी है. उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि जहां हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड में सुनवाई के लिए पेश हों. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया है. बता दें, पहले भी CJI सूर्यकांत ने दिल्ली में एयर क्वालिटी को लेकर चिंता जाहिर की थी. दिसंबर के शुरुआत में सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि लाखों लोग प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं.

घने कोहरे के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिन घना कोहरा हो सकता है. 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक दिल्ली-NCR, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, यूपी और हिमाचल प्रदेश में घना कोहरा होने के आसार हैं. घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात भी असर पड़ सकता है.

दिल्ली-NCR बना गैस चैंबर
दिल्ली-एनसीआर गैस चैंबर बन गया है. यहां घनी धुंध और प्रदूषण की वजह से विजिबिलिटी जीरो है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) करीब 600 पहुंच गया है. प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एनसीआर में ग्रैप-4 लागू किया गया है. सेंट्रल पॅाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, दिल्ली-नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘सीवियर’ कैटेगरी का हो गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है. स्कूल-दफ्तर हाइब्रिड मोड में चल रहे हैं.

दो दिन से लागू GRAP-4
शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 लागू कर दिया गया था. इसके नोएडा और गाजियाबाद में बाद प्री-नर्सरी से 5वीं तक की कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन मोड में चलाने के आदेश जारी किए गए हैं. वहीं, कक्षा 6 से 9 और 11वीं की पढ़ाई हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों) जारी रहेगी. गौतम बुद्ध नगर जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने एक निर्देश में कहा कि जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में ये नियम तुरंत प्रभाव से लागू होंगे. उन्होंने बताया कि जहां संभव हो स्कूल ऑनलाइन क्लासेज कराएं, वहीं अन्य जगह पर सीमित उपस्थिति में ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जा सकती हैं.

 

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