06 June, 2026 (Saturday)

Video: बाड़मेर में विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने की आत्मदाह की कोशिश, खुद पर छिड़का पेट्रोल; कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान बवाल

गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार सहित विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन ने मंगलवार को उस समय बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी समर्थकों और हजारों लोगों के साथ बाड़मेर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए।
राजस्थान के बाड़मेर में मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई, जब एक माइनिंग कंपनी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की कोशिश की। यह घटना तब हुई जब रविंद्र भाटी, प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर बाड़मेर कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया और अंदर जाने से मना कर दिया। इससे गुस्साए भाटी ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी और हंगामा मच गया।
रविंद्र सिंह भाटी ने की आत्मदाह की कोशिश

इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें रविंद्र सिंह भाटी एक बोतल से खुद पर पेट्रोल डालते हुए यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि वह “मजदूरों पर होने वाले अत्याचारों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” पुलिस के साथ झड़प के दौरान वीडियो में भाटी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मुझे मारो, उन्हें मत मारो।”

वीडियो में यह भी देखा जा रहा है कि भाटी पेट्रोल से भीग गए हैं। संभवतः पेट्रोल आंख में भी चली गई। जिससे वह आंख मसलते दिख रहे हैं। खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने जा रहे विधायक को उनके समर्थकों और पुलिस ने पकड़ लिया और आग लगाने नहीं दिया। इसके बाद उन्हें उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय के अंदर ले जाया गया।

माइनिंग कंपनी के खिलाफ कई दिनों से चल रहा है प्रदर्शन

बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से विधायक रविंद्र सिंह भाटी पिछले दो हफ़्तों से ज़्यादा समय से राज्य के स्वामित्व वाली माइनिंग कंपनी, राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बाड़मेर के गिराल गांव में स्थानीय लोग एक महीने से ज़्यादा समय से इस कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने निवासियों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब वह कई स्थानीय युवाओं को काम से निकाल रही है। प्रदर्शनकारी श्रम कानूनों के अनुसार आठ घंटे की काम की शिफ्ट, नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता और कंपनी द्वारा किए गए रोजगार के वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक

गिरल लिग्नाइट माइंस कार्यालय के आगे आयोजित मजदूर आंदोलन और जनसभा में भारी संख्या में ग्रामीण, युवा और मजदूर शामिल हुए थे। आंदोलनकारियों का आरोप था कि स्थानीय लोगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वहीं जनसभा के दौरान माइंस कंपनी, खान विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधि ज्ञापन लेने या वार्ता के लिए नहीं पहुंचा, जिससे आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद विधायक भाटी समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए।

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