05 June, 2026 (Friday)

415 एपिसोड्स वाला 36 साल पुराना शो, 8.8 है IMDb रेटिंग, दर्शकों से हर हफ्ते आती थीं लाखों चिट्ठियां

90 के दशक का शो ‘सुरभि’ अपनी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध हुआ। मात्र 415 एपिसोड में इसने अपार लोकप्रियता हासिल की। 8.8 IMDb रेटिंग के साथ यह आज भी दर्शकों का पसंदीदा है और इसका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज है।
80 और 90 के दशक का भारतीय टेलीविजन अपनी सादगी और मजबूत कहानियों के लिए जाना जाता है। यह वह दौर था जब दूरदर्शन का हर घर में डंका बजता था और पूरा परिवार एक साथ बैठकर शो देखता था। उस समय बिना किसी चकाचौंध या बोल्ड कंटेंट के आम जिंदगी और संस्कृति से जुड़ी कहानियां लोगों के दिलों पर राज करती थीं। इसी दौर में एक ऐसा शो आया जिसने अपनी सादगी से इतिहास रच दिया और 415 एपिसोड्स तक दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़े रखा। हम बात कर रहे हैं ऐतिहासिक शो ‘सुरभि’ की।
‘सुरभि’ का सफर
1990 में शुरू हुआ ‘सुरभि’ केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि भारत की विविधता, कला और गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाला एक सांस्कृतिक दस्तावेज था। इस शो को सिद्धार्थ काक और रेणुका शहाणे होस्ट करते थे। सिद्धार्थ काक इस सीरीज के सह-निर्माता भी थे। यह शो 1990 से 2001 तक चला हालांकि 1991 में एक साल के लिए इसका प्रसारण बंद रहा था। अपने 10 साल के सफर में इस शो ने 415 एपिसोड्स के जरिए भारतीय संस्कृति के अनछुए पहलुओं को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया। आज भी 8.8 की IMDb रेटिंग के साथ इसे टेलीविजन के सबसे बेहतरीन शोज में गिना जाता है।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज ऐतिहासिक सफलता
‘सुरभि’ की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उस दौर में जब इंटरनेट नहीं था, दर्शक शो के प्रति अपना प्यार चिट्ठियों के जरिए जताते थे। इस शो को हर हफ्ते लाखों चिट्ठियां मिलती थीं और कई बार तो यह संख्या 10 लाख के आंकड़े को भी पार कर जाती थी। इतनी बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया प्राप्त करने के कारण इस शो ने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया, जो आज के सोशल मीडिया लाइक्स और कमेंट्स के दौर में भी अकल्पनीय लगता है।

रेणुका शहाणे के करियर का टर्निंग पॉइंट
दिलचस्प बात यह है कि जिस शो ने रेणुका शहाणे को घर-घर में पहचान दिलाई, उसके लिए ऑडिशन देने को वह शुरुआती दिनों में अपनी एक बड़ी गलती मानती थीं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक सांस्कृतिक शो उन्हें इस कदर शोहरत दिलाएगा। लेकिन बाद में ‘सुरभि’ उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उनकी चिर-परिचित मुस्कान और सहज होस्टिंग ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया। आज भी जब भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम युग की बात होती है तो ‘सुरभि’ का नाम सबसे पहले आता है क्योंकि इसने भारत की मिट्टी की खुशबू को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का काम किया।

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