06 June, 2026 (Saturday)

जिस वाटर टैंक का पानी पी रहे थे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स और उनकी फैमिली, उसमें मृत मिले 3 बंदर, सड़ चुके थे शव

नूंह के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में दूषित पानी की सप्लाई का ऐसा मामला सामने आया है, जिसको लेकर पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है। कॉलेज की 3 रिहायशी बिल्डिंगों में पानी की सप्लाई के लिए बनाई गई टंकी में तीन मृत बंदर पाए गए हैं।
हरियाणा के नूंह के शहीद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एक चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां रेजिडेंशियल डॉक्टर एरिया की एक बिल्डिंग की छत पर रखी पानी की टंकी में 3 मृत बंदर पाए गए। यही टैंक उन पाइपलाइनों से जुड़ा था, जिनसे रेजिडेंशियल परिसर की 3 इमारतों में पानी की सप्लाई की जाती थी। इसका पता चलते ही बिल्डिंग में रहने वाले डॉक्टर और उनकी फैमिली हैरान रह गए।
डॉक्टर और उनकी फैमिली इसी पाने का कर रहे थे इस्तेमाल
इस घटना ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इसी पानी का उपयोग डॉक्टर और उनके परिवारजन रोजमर्रा के कामों में कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय तक टंकी में बंदरों के शव पड़े रहने से पानी दूषित हो सकता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया। प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया, जिसके बाद टंकी की सफाई और पानी की सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद करने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थानीय लोगों और डॉक्टरों ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की है कि पूरे पानी सप्लाई सिस्टम की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
यह घटना न केवल लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सार्वजनिक संस्थानों में नियमित निगरानी और स्वच्छता बनाए रखना कितना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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