06 June, 2026 (Saturday)

चित्रकूट के दंपति ने 34 बच्चों के साथ किया अपराध, डार्क वेब पर 47 देशों में बेची अश्लील सामग्री, अदालत ने सुनाई फांसी

उत्तर प्रदेश के बांदा में अदालत ने जेई रामभवन कुशवाहा और उनकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है. आरोप है कि इस दंपति ने 34 मासूम बच्चों के साथ दुष्कर्म किया और उनके अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब के जरिए 47 देशों में बेचे. यह मामला करीब साढ़े पांच साल तक चलने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद सुलझा. मामले के सामने आने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया था.

बांदा की अदालत ने जेई रामभवन कुशवाहा और उनकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई. यह पहला मामला है जब बांदा की अदालत ने किसी महिला को भी फांसी की सजा दी है. केस डायरी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2020 को इंटरपोल ने दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय को सूचना भेजी थी कि कुशवाहा तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से डार्क वेब से जुड़ा है और बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर 47 देशों में बेच रहा है. इसी तरह इंटरपोल ने दो और मेल भी सीबीआई को भेजे थे.

सीबीआई की कार्रवाई और गिरफ्तारी
सीबीआई ने इंटरपोल की सूचना के आधार पर नवंबर 2020 में बांदा के नरैनी कस्बे में जेई रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती के घर दबिश दी. तलाशी के दौरान उनके पास से एक पेन ड्राइव बरामद हुआ, जिसमें 34 बच्चों के अश्लील वीडियो और 679 तस्वीरें मिलीं. जांच में पता चला कि दंपति ना केवल बांदा, बल्कि चित्रकूट और हमीरपुर जैसे आसपास के जिलों में भी छोटे बच्चों को शिकार बनाते थे.

बच्चों का शिकार और यौन शोषण की विधि
सीबीआई के अनुसार, जेई रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी छोटे बच्चों, यहां तक कि 3 साल के बच्चों को भी शिकार बनाते थे. वे बच्चों को लालच देकर फंसाते और यौन शोषण करते थे. इस दौरान वीडियो और तस्वीरें बनाकर बाद में डार्क वेब, सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर बेचते थे. पूरे मामले की जांच सीबीआई के सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने की और इसका पूरा खुलासा किया.

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