06 June, 2026 (Saturday)

दुश्मन सावधान! भारतीय वायुसेना का बाहुबली विमान C-130J, चीन बॉर्डर पर दिखाया दम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज असम के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। वे डिब्रूगढ़ जिले के चबुआ एयरफील्ड पहुंचे और वहां से भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से मोरान स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पहुंचे। डिब्रूगढ़ से भारत-चीन बॉर्डर (अरुणाचल प्रदेश के हिस्से में McMahon Line/LAC) की निकटतम दूरी लगभग 250-300 किलोमीटर है।

Sukhoi ने दिखाई अपनी क्षमता
डिब्रूगढ़-मोरान बाइपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-127 का 4.2 किलोमीटर हिस्सा खास तौर पर इस तरह बनाया गया है कि जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदला जा सके। सामान्य दिनों में यहां आम गाड़ियां चलती हैं, लेकिन युद्ध, आपदा या किसी आपात स्थिति में यहां से लड़ाकू और परिवहन विमान उड़ान भर सकते हैं। उद्घाटन के दौरान Indian Air Force के Sukhoi Su-30MKI ने इसी सड़क से टेक-ऑफ कर इसकी क्षमता दिखा दी। पहले यहां राफेल, डोर्नियर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर भी अभ्यास कर चुके हैं।
Hercules की क्या है खास बात
C-130J Super Hercules अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin द्वारा बनाया गया भारी परिवहन विमान है। भारत के पास करीब 12 C-130J विमान हैं। पहले छह 2011 में और अगले छह 2017 में मिले थे। यह विमान 19 टन तक सामान ले जा सकता है, 643 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और एक बार में लगभग 3,300 किमी की दूरी तय कर सकता है। इसमें 90 यात्री या 64 सैनिक बैठ सकते हैं।
भारत में C-130J का उत्पादन
यह छोटा रनवे होने पर भी उतर सकता है और खराब मौसम में भी काम कर सकता है। दुनिया के 23 से ज्यादा देश इसका उपयोग करते हैं। भारत अब पुराने AN-32 और IL-76 विमानों को बदलने के लिए 80 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने की तैयारी में है। लॉकहीड मार्टिन ने प्रस्ताव दिया है कि अगर उसे ठेका मिलता है तो वह भारत में C-130J का उत्पादन केंद्र भी स्थापित करेगी।

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