नहीं रहे नैनपुर सरस्वती शिशु मंदिर के संस्थापक सदस्य
नैनपुर (ईएमएस)। ओ जाने वाले कभी लौट के आना रे,, यह एक इतना भावुक पल होता है की जिसे हम अंतिम विदाई देते वह पुनः दोबारा नहीं मिलता परंतु कुछ ऐसी दिव्य आत्माएं होती हैं जिनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के कारण सदैव समाज में जीवित रहते हैं और उनकी यादें उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा समाज में अनुकरणीय पहल की ओर रास्ता बनाते हैं, ऐसे ही नैनपुर नगर के समाजसेवी वन विभाग से सेवानिवृत हुए पंडित व्यास नारायण शुक्ला अब हमारे बीच नहीं रहे विगत दिवस रायपुर एम्स में ब्रह्म मुहूर्त में अंतिम सांस ली और इस दुनिया को सदा सदा के लिए छोड़ गए ! वर्तमान में ऐसे बहुत कम लोग होंगे जो जानते होंगे की नैनपुर सरस्वती शिशु मंदिर के संस्थापक सदस्य पंडित व्यास नारायण शुक्ला थे नैनपुर सरस्वती शिशु मंदिर मंडला से पहले संचालित होने लगा था जिसके सदस्य थे पंडित व्यास नारायण शुक्ला महावीर सोनी जेपी शुक्ला मदन सोनी कालका सोनी जीजे राव एवं तीन अन्य सदस्य थे जिन्होंने नैनपुर सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना कर उसका संचालन किया यह बात अलग है कि अब नैनपुर सरस्वती शिशु मंदिर राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है और यहां पर अब इन सदस्यों के लिए जिन्होंने स्कूल की स्थापना की कोई स्थान नहीं है, आगे आने वाली पीढ़ी कुछ इतने आगे निकल गई है कि उसे अपने इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है पर आज नगर में यह चर्चा आम रही की नगर ने एक कर्मठ सशक्त सपूत को खो दिया । पंडित व्यास नारायण शुक्ला की अंतिम यात्रा में मानो पूरा नगर उमर पड़ा जिसमें समाजसेवी मीडिया के साथी शासकीय कर्मचारी एवं सामाजिक जन उपस्थित रहे सभी ने उन्हें अंतिम विदाई देते हुए 2 मिनट का मौन रखा और उनके पुत्र अखिलेश शुक्ला विकास शुक्ला को ढाढस बांधते हुए आगे बढ़ते रहने का संदेश दिया ! अभी तक टीवी एवं जबलपुर एक्सप्रेस की ओर से दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं उनके परिवार को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति एवं सामर्थ प्रदान करें ओम शांति ।
