06 June, 2026 (Saturday)

नवरात्रि के चौथे दिन इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से बनेंगे सारे बिगड़े काम, मां कूष्मांडा भी होंगी खुश!

  25 मार्च को चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और शनिवार का दिन है। चतुर्थी तिथि इस दिन शाम 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी और 25 मार्च को चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा की उपासना की जाएगी। मां दुर्गा के इस कूष्मांडा स्वरूप की पूजा अर्चना इन मंत्रों से करनी चाहिए। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं।

मां कूष्मांडा मंत्र (Maa Kushmanda Mantra)

अपने जीवन में चल रही परेशानियों से जल्द छुटकारा पाने के लिए देवी मां के इस मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है-

दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्।

जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

अपनी बौद्धिक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए और परीक्षा में अच्छे रिजल्ट के लिए देवी मां के विद्या प्राप्ति मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-

‘या देवी सर्वभूतेषु बिद्धि-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए आज देवी मां को मालपुओं का भोग लगाए और उनके इस मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र है 

जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्।
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

अपने घर की सुख-शांति और समृद्धि बढ़ाने के लिए आज देवी के शांति मंत्र का 21 बार जाप करें। मंत्र इस प्रकार है-

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

साथ ही इस दिन गुलाब के फूल में कपूर रखकर माता कुष्मांडा के सामने रखें।  फिर माता लक्ष्मी के मन्त्र का 6 माला जप करें। मन्त्र इस प्रकार है-

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:

शाम के समय फूल में से कपूर लेकर जला दें और फूल देवी को चढ़ा दें 

आज मां कूष्मांडा के इस मंत्र का जप करने से आपके परिवार में खुशहाली आएगी और आपके यश तथा बल में बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा आपकी आयु में वृद्धि होगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा।

दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्।
जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *