भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में घुली मिठास, शेख हसीना ने भारतीय नेताओं को भेजे 2,600 किलो आम
भारत और बांग्लादेश के बीच बेहद मित्रवत रिश्तों में सोमवार को आमों की मिठास भी घुल गई। पीएम शेख हसीना ने मैंगो डिप्लोमेसी को परवान चढ़ाते हुए भारतीय नेताओं को बांग्लादेश की मशहूर हरिभंगा की दर्जनों पेटियां भिजवाई हैं। शेख हसीना की तरफ से राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, पीएम नरेंद्र मोदी, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब को कुल 2,600 किलो आम भिजवाए गए हैं। ढाका से आमों की पेटियां पहले नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग भिजवाई गई और वहां से सोमवार दोपहर विदेश मंत्रालय भिजवाई गई। बांग्लादेश ने कहा है कि उसके आमों की मिठास अनूठी होती है और वह इन फलों की मिठास को भारत जैसे मित्र देश के साथ बांटना चाहता है।
दक्षिण एशियाई देशों में पूर्व में भी आमों को कूटनीति में इस्तेमाल करने की परंपरा रही है। भारत के प्रधानमंत्री की तरफ से भी पूर्व में कुछ देशों को आम भिजवाए जाते रहे हैं। हालांकि इस साल किसी भी देश को आम या दूसरा कोई फल भारत के शीर्ष नेताओं की तरफ से नहीं भिजवाए गए हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान ने हाल ही में चीन, अमेरिका व कुछ अन्य देशों को अपने आम जरूर भिजवाए थे, लेकिन इन देशों ने इसे स्वीकार नहीं किया था। इससे अंतरराष्ट्रीय जगत में पाकिस्तान की बड़ी भद पिटी थी। इन देशों ने कोरोना की वजह से पाकिस्तान का आम स्वीकार करने से मना कर दिया था। बताते चलें कि कुछ साल पहले तक भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच आमों का आदान प्रदान होता रहा है। अंतिम बार वर्ष 2018 में पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने पीएम मोदी को वहां के मशहूर आम भिजवाए थे। तब दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब थे और एलओसी पर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
वर्ष 2017 में भी जब भारत ने विदेश सचिव स्तरीय वार्ता को रद किया था तब भी शरीफ की तरफ से पीएम मोदी व तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आम भिजवाए गए थे। शरीफ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को भी उनके कार्यकाल में और सत्ता से हटने के बाद भी उन्हें आम भेजा करते थे। शरीफ ने कई वर्षों तक पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी आम भेजा था। वह पाकिस्तान की सबसे मशहूर अनवर रातोल आम जरूर भेजा करते थे।
