06 June, 2026 (Saturday)

पाकिस्‍तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में आ रहे पसीने, गले की हड्डी बनी ग्रे लिस्‍ट

आतंकवादियों के खिलाफ दिखावे की कार्रवाई से पाकिस्तान फिर मुसीबत में है। एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से नाम न हटना उसके गले की हड्डी बन गया है। जून में फिर उसे अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। अब अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उसे गंभीर नुकसान भी उठाना होगा। पाकिस्तान की मीडिया में यह मुद्दा सुर्खियों में है। पाक मीडिया का मानना है कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाक को कम से कम दो कानूनों में संशोधन करना होगा।

ज्ञात हो कि पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पिछले माह हुई बैठक में पाकिस्तान को फिर जून माह तक ग्रे लिस्ट में डाल दिया है। पाकिस्तान ने एफएटीएफ की 27 सूत्रीय कार्ययोजना में से तीन को पूरा नहीं किया है। इस बार की बैठक में यह माना गया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आंतकवादियों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। आतंकवादियों के खिलाफ वित्तीय प्रतिबंधों का भी कड़ाई से पालन नहीं किया है।

डॉन अखबार के मुताबिक पाकिस्तान को एक माह के बाद अपनी संशोधित रिपोर्ट एफएटीएफ को देनी होगी। जिसमें बैठक के बाद उठाए गए कदमों और कानूनों को सख्त करने के संबंध में जानकारी मांगी जाएगी। अखबार का कहना है कि पाकिस्तान ने एफएटीएफ के 27 बिंदुओं की कार्ययोजना को पूरा करने के लिए एक दर्जन से ज्यादा कानूनों में परिवर्तन किया है। अब उसे दो कानूनों में और संशोधन करना होगा। ये संशोधन अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों और उनकी फंडिंग पर प्रभावी कार्रवाई के लिए किए जाने हैं।

हाल ही में पाक के वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख ने उद्योग मंत्री हम्माद अजहर व एफएटीएफ की समन्वय समिति के साथ ही सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाई। इसमें संघीय सरकार और सेना के भी उच्च अधिकारी शामिल हुए।

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