शिवसेना भी यूपी में लड़ेगी पंचायत चुनाव, प्रत्याशी चयन के लिए सभी जिलों से मांगे जा रहे आवेदन
उत्तर प्रदेश के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में शिवसेना भी भाग्य आजमाएगी। रविवार को शिवसेना ने पंचायत चुनाव में अपने प्रत्याशियों को उतारने की घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से पंचायत चुनाव के लिए जिलावार समीक्षा कर प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं। सभी जिलों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। विधानसभा आम चुनाव से पूर्व सेमीफाइनल माने जाने वाले पंचायत चुनाव मार्च-अप्रैल तक प्रस्तावित है। इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है।
यूपी में पंचायत चुनाव लड़ने को लेकर शिवसेना की प्रदेश इकाई ने रविवार को सरोजनीनगर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में समीक्षा बैठक की। शिवसेना के प्रदेश सचिव विश्वजीत सिंह ने बताया कि बैठक में शिवसेना राज्य प्रमुख अनिल सिंह ने पंचायत चुनाव की तैयारियों की चर्चा की। पार्टी की ओर से पंचायत चुनाव के लिए जिलावार समीक्षा कर प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं। सभी जिलों से आवेदन मांगे जा रहे हैं।
शिवसेना के प्रदेश सचिव विश्वजीत सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह शिवसेना प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र में संगठन के शीर्ष नेताओं से भेंट कर उन्हें चुनाव की तैयारियों से अवगत कराएगा। प्रदेश पदाधिकारियों को चुनाव प्रबंधन के गुर सीखने के लिये महाराष्ट्र भेजा जाएगा। बैठक में प्रदेश उप प्रमुख संजय द्विवेदी, विश्वजीत सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
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बता दें कि शिवसेना से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी ने भी पंचायत चुनाव में सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करने का ऐलान किया था। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा था कि पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की यह फैसला लिया गया। उन्होंने बताया था कि सभी की सहमति से फैसला लिया गया कि पार्टी उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल से ज्यादा हैं, लेकिन उससे पहले सूबे में होने वाला पंचायत चुनाव इसका सेमीफाइनल माना जा रहा है। यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो गया। हालांकि पंचायत चुनाव को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि मार्च-अप्रैल महीने में चुनाव कराए जा सकते हैं। इसको लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इस बार का पंचायत चुनाव सियासी दलों की राजनीति का बड़ा अखाड़ा बनने जा रहा है।
