अस्पताल में एनेस्थीसिया दिए जाने से 1.5 साल के बच्चे की मौत, खेलते समय हल्की चोट लगने पर पट्टी कराने ले गए थे परिजन
बच्चे को खेलते समय मामूली चोट लगी थी। इसके बाद माता-पिता उसे अस्पताल ले गए। यहां टांके लगाने के लिए उसे एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
केरल के कन्नूर में एक अस्पताल के अंदर एनेस्थीसिया दिए जाने से बच्चे की मौत हो गई। इस बच्चे को खेलते समय हल्की चोट लगी थी और चेहरे खून बह रहा था। ऐसे में माता-पिता अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों को टांके लगाने की जरूरत महसूस हुई। बच्चे को टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बेबी मेमोरियल हॉस्पिटल ने डेढ़ साल के बच्चे की मौत के मामले में सफाई दी है।
हॉस्पिटल प्रशासन ने बच्चे की मौत पर दुख जताया और कहा कि बच्चे को मेडिकल स्टैंडर्ड्स के मुताबिक पूरी मेडिकल देखभाल दी गई थी। हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि बच्चे को सभी उपलब्ध आधुनिक मेडिकल सुविधाएं दी गई थीं और वे कानूनी कार्यवाही में हर संभव मदद करेंगे। पोस्टमॉर्टम जांच पूरी हो गई है, और पुलिस ने बच्चे की मौत के हालात की जांच के लिए केस दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार रात हुई थी मौत
पयन्नूर के रहने वाले सूरज और विजीशा के बेटे देवांश शौर्य की शुक्रवार रात मौत हो गई। देवांश को खेलते समय मामूली चोट लगी थी। उसके होंठ और ठुड्डी के पास चमड़ी कट गई थी। ऐसे में टांके लगाने के लिए उसे एनेस्थीसिया दिया गया था। एनेस्थीसिया के बाद बच्चे की हालत गंभीर हो गई। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल की डॉक्टर अंजलि पोडुवल के खिलाफ मेडिकल लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
आठ साल बाद हुआ था देवांश का जन्म
सूरज और विजीशा को आठ साल के इंतजार के बाद देवांश मिला था। अस्पताल प्रशासन ने पहले इस घटना में किसी भी तरह की मेडिकल चूक से इनकार किया है। परियारम मेडिकल कॉलेज में बच्चे का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। बच्चे को पिछले रविवार को पय्यानूर बेबी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह खेलते समय गिर गया था और उसके चेहरे पर मामूली चोटें आई थीं।
