लखनऊ में बुजुर्ग से साइबर अपराधियों ने की 1.18 करोड़ रुपये की ठगी, 5 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग नए-नए पैंतरे आजमाते हुए साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी से जुड़ा बेहद चौकानें वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने ना केवल एक बुजुर्ग को 5 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा बल्कि उनसे करोड़ों रुपये की ठगी भी कर ली हैं। साइबर ठगी का शिकार बने 79 वर्षीय हीरक भट्टाचार्य को ठगों ने उन्हें झूठे आरोपों और नकली पहचान के जरिए डराकर कुल 1 करोड़ 18 लाख 55 हजार रुपये हड़प लिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 3 सितंबर की सुबह पीड़ित के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी विजय खन्ना बताते हुए हीरक भट्टाचार्य से कहा कि उनके नाम से दिल्ली के केनरा बैंक में एक खाता खुला है। इसमें अवैध तरीके से रकम जमा हो रही है। इसके बाद खुद को अधिकारी बताने वाले विजय खन्ना ने कथित ईडी अधिकारी राहुल गुप्ता से बात कराई थी। इस बातचीत के दौरान राहुल गुप्ता नामक ठग ने बुजुर्ग को समझाया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है और जांच पूरी करने के लिए उन्हें अपने खातों से पैसे ट्रांसफर करने होंगे।
डिजिटल अरेस्ट का तरीका
ठगों ने भरोसा दिलाया कि रकम जांच पूरी होने के बाद लौटा दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक जांच जारी है, वे किसी से संपर्क न करें। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 6 से 10 सितंबर तक उन्हें लगातार व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए निगरानी में रखा गया। इस दौरान ठग लगातार उनसे वीडियो कॉल पर संपर्क करते रहे और जांच के नाम पर बार-बार रुपये ट्रांसफर कराने का दबाव बनाते रहे। पीड़ित की माने तो इस दौरान 5 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा था।
इंडसइंड बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई रकम
ठगों ने बुजुर्ग से अलग-अलग तारीखों और बैंकों से लाखों रुपये ट्रांसफर कराए थे। 6 सितंबर को यूनियन बैंक से 9 लाख रुपये इंडसइंड बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए। जबकि इसी दिन यूनियन बैंक से 9 लाख रुपये फिर से इंडसइंड बैंक खाते में भेजने को बोला था। 8 सितंबर को आईसीआईसीआई बैंक से 26 लाख रुपये बंधन बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए थे। 8 सितंबर को केनरा बैंक से 19 लाख रुपये बंधन बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए थे। इसी तरह 10 सितंबर को यूनियन बैंक से 55.55 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए थे।
इस तरह कुल 1,18,55000 रुपये (करीब 1 करोड़ 18 लाख 55 हजार) की ठगी हो गई थी। वहीं जब बार-बार आग्रह करने के बाद भी ठगों ने रुपये लौटाने से इनकार कर दिया, तब बुजुर्ग को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ था। फिलहाल पीड़ित ने लखनऊ के साइबर क्राइम थाना में तहरीर दे दी है। शिकायत के साथ उन्होंने सभी बैंक स्टेटमेंट और कॉल डिटेल्स भी पुलिस को सौंपी हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ठगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।
