डीयू के लॉ छात्रों को स्टडी मैटियरल के बदले नहीं करना होगा भुगतान
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के स्नातक व परास्नातक छात्रों को पाठ्यसामग्री प्राप्त करने के लिए भुगतान नहीं करना होगा। डीयू की आकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में फीस माफी के प्रस्ताव पर मोहर लगी है। पूर्व में लॉ विभाग ने छात्रों को पाठ्यक्रम सामग्री देने के एवज में लॉ स्नातक छात्रों से एक हजार रुपये शुल्क और लॉ परास्नातक के छात्रों से 1250 रुपये शुल्क वसूलने का निर्णय लिया था। इसपर कार्यकारी कुलपति की तरफ से लगी रोक के बाद एसी में भी इसे खारिज कर दिया है। इसके पाठ्य सामग्री छात्रों को निशुल्क दी जायगी।
वार्ड कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास
डीयू में शुक्रवार को हुई एसी बैठक में वार्ड कोटा बढ़ाने का भी फैसला हुआ। इसके बाद अब डीयू कॉलेज में शिक्षकों, कर्मचारियों के बच्चों के दाखिले के लिए बनी वार्ड कोटा की सीटों की संख्या प्रति कॉलेज 3 से बढ़ाकर आठ हो गई है। 24 साल वार्ड कोटे में हुए बदलाव के बाद वार्ड कोटे में तदर्थ शिक्षकों में बच्चों को भी शामिल करने का फैसला लिया गया है।
दो नए विभाग, कई पाठयक्रम होंगे शुरू
एसी बैठक में दो नए विभाग समेत कई पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया गया है। एसी के एक सदस्य के मुताबिक एसी में मास्टर इन पब्लिक हेल्थ के पाठ्यक्रम, दाखिला प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, फैकल्टी ऑफ मेडिकल साइंस के जीबी पंत इंस्टीटयूट ऑफ पीजी मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में नए शुरू होने वाले न्यूरो एनेस्थिसिया के पाठ्यक्रम, दाखिला प्रक्रिया, ट्रेनिंग प्रोग्राम संबंधी प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है। इसके साथ ही फैकल्टी ऑफ म्यूजिक एंड फाइन आर्ट में हारमोनियम में दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम, हिंदुस्तानी संगीत में विदेशी छात्रों के लिए एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, दो वर्षीय संगीत शिरोमणि डिप्लोमा शुरू करने का भी फैसला लिया गया है।
