05 June, 2026 (Friday)

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हुई थी मैच फिक्सिंग? ICC के एंटी करप्शन यूनिट ने शुरू की जांच

कनाडा के सरकारी चैनल सीबीसी की ओर से जारी एक डॉक्यूमेंट्री के बाद क्रिकेट जगत में फिर से फिक्सिंग का भूचाल आ गया है। ICC ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
T20 World Cup 2026 Match Fixing: टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेला गया था। इस टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार इस खिताब को अपने नाम किया था। इस टूर्नामेंट को खत्म हुए एक महीने से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब इस टूर्नामेंट से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल(ICC) की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक मुकाबले की जांच शुरू कर दी है। इस मुकाबले में मैच फिक्सिंग की आशंका जताई गई है।
कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच में जताई गई फिक्सिंग की आशंका
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 31वां मैच कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। इस मैच में फिक्सिंग को लेकर आशंका जताई जा रही है। इस मुकाबले में कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा की तरफ से कराया गया एक ओवर संदेह के दायरे में है। साथ ही क्रिकेट कनाडा में भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच हो रही है। यह फैसला कनाडा के सरकारी चैनल सीबीसी की ओर से एक डॉक्यूमेंट्री जारी होने के बाद लिया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री में कनाडा क्रिकेट में घरेलू व इंटरनेशनल स्तर पर आईसीसी के नियमों को तोड़ने का दावा किया गया है।
ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने शुरू की जांच
ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने कनाडा क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उनकी नजरें खास तौर पर न्यूजीलैंड की पारी के पांचवें ओवर पर टिकी हुई है। कनाडा की तरफ से वो ओवर दिलप्रीत बाजवा ने फेंका था। उस ओवर में उन्होंने नो-बॉल फेंकी, लेग साइड पर वाइड डाली और कुल 15 रन खर्च किए थे। दिलप्रीत से पहले कनाडा के पेसर जसकरण सिंह और डिलोन हेलिगर ने भी महंगे ओवर फेंक चुके थे। वहीं, स्पिनर साद बिन जफर ने तीसरा ओवर विकेट मेडन डाला था।

डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद शुरू हुई जांच
हाल ही में कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (CBC) के इन्वेस्टिगेटिव प्रोग्राम the ‘Fifth Estate’ ने ‘Corruption, Crime and Cricket’ नाम की एक 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इस डॉक्यूमेंट्री के ब्रॉडकास्ट होने के बाद इस जांच को शुरू किया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री में कनाडा क्रिकेट बोर्ड के अंदरूनी मामलों, प्लेयर सिलेक्शन में दबाव और मैच से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी जांच एक पुरानी टेलीफोन रिकॉर्डिंग से जुड़ी है, जिसमें तब के कोच खुर्रम चोहान ने दावा किया था कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर बोर्ड सदस्य कुछ खास खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के लिए उन पर दबाव बना रहे थे।

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