06 June, 2026 (Saturday)

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश की सेना पर पूर्ण नेतृत्व का किया दावा, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को कड़े निर्देश

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने जोर देकर कहा है कि देश की सेना को पूरी तरह से उसके नियंत्रण में रहना चाहिए। पार्टी ने कहा है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ([पीएलए)] को उसके निर्देशों का क़़डाई से पालन करना चाहिए। दो लाख सैनिकों वाली चीनी सेना कम्युनिस्ट पार्टी की एक शाखा की तरह काम करती है। यह स्थिति अन्य देशों के विपरीत है, जहां की सेनाएं संबंधित सरकारों के अधीन काम करती हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में कहा गया कि सेना को सैन्य बलों पर पार्टी के पूर्ण नेतृत्व के बुनियादी सिद्धांत का पालन करना चाहिए। सैन्य बलों में राजनीतिक कार्यो से जु़़डे नियमों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। राष्ट्रपति शी चिनफिंग कम्युनिस्ट पार्टी के भी प्रमुख हैं।

सरकार संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने एक बयान का हवाला देते हुए सैन्य बलों में राजनीतिक कार्यो से जुड़े नियमों में संशोधन की जरूरत पर प्रकाश डाला। इसने कहा कि इससे आने वाले समय में सेना की राजनीतिक निष्ठा ब़़ढेगी और सेना पर पार्टी नेतृत्व की पकड़ मजबूत होगी। उल्लेखनीय है कि 2012 में सत्ता में आने के बाद से चिनफिंग ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि पीएलए को कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्ण नेतृत्व में काम करना चाहिए। पिछले पांच वर्षों में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के जरिये उन्होंने सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

चीन का दावा, एससीओ बैठक में भारत से सकारात्मक संकेत

चीन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सरकारों के प्रमुखों की वर्चुअल बैठक में मेजबान भारत की ओर से कई सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। नेता कई मुद्दों पर आम सहमति तक पहुंच रहे हैं। चीन के प्रधानमंत्री ली कीपांग ने सोमवार को इस बैठक में शिरकत की। इसमें ब्लॉक के आठ सदस्य शामिल हुए और उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडु ने बैठक को संबोधित किया। शंघाई सहयोग संगठन के सरकारों के प्रमुखों की बैठक के नतीजों को चीन कैसे देखता है पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ यूइंग ने कहा कि हाल के एससीओ बैठक के निष्कर्षो को अमल में लाने पर विचार किया गया।

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