कौन हैं ‘रामायण’ में रावण की मां कैकेसी, 200 से ज्यादा फिल्मों में कर चुकी हैं काम, पद्म भूषण से भी सम्मानित
‘रामायण’ में रावण की मां कैकेसी का किरदार निभा रहीं शोभना चार दशक में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं। भरतनाट्यम नृत्यांगना शोभना दो राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्म भूषण पा चुकी हैं।
नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ रिलीज के बाद से ही दर्शकों और समीक्षकों के बीच चर्चा में है। फिल्म के भव्य सेट, शानदार संगीत और कलाकारों के अभिनय को काफी सराहना मिल रही है। रणबीर कपूर और यश जैसे सितारों के बीच एक ऐसी अभिनेत्री भी हैं, जिनकी मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। हम बात कर रहे हैं दिग्गज अभिनेत्री शोभना की, जो फिल्म में रावण की मां कैकेसी का किरदार निभा रही हैं। करीब चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में शोभना ने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया है। अभिनय के साथ-साथ वह भरतनाट्यम की प्रशिक्षित नृत्यांगना भी हैं। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से लेकर पद्म भूषण तक कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। विश्वामित्र के रोल में नजर आए एक्टर की भी काफी चर्चाएं हैं।
कौन हैं शोभना, जिनकी ‘रामायण’ में हो रही है चर्चा?
शोभना का जन्म 21 मार्च 1970 को हुआ था। उनका परिवार केरल से ताल्लुक रखता है। उनके माता-पिता का नाम चंद्रकुमार पिल्लई और आनंदम चंद्रकुमार पिल्लई है। शोभना का संबंध अभिनय और नृत्य की दुनिया के चर्चित ट्रावणकोर परिवार से भी रहा है। वह मशहूर ट्रावणकोर सिस्टर्स यानी ललिता, पद्मिनी और रागिनी की भतीजी हैं। ये तीनों बहनें अपने अभिनय के साथ-साथ शास्त्रीय नृत्य के लिए भी जानी जाती थीं। अभिनेत्री पार्वती और अभिनेता विनीत उनके चचेरे भाई-बहन हैं। शोभना की निजी जिंदगी भी अक्सर चर्चा में रहती है। उन्होंने शादी नहीं की है और एकल मां के रूप में अपनी बेटी की परवरिश कर रही हैं। साल 2001 में उन्होंने एक बच्ची को गोद लिया था, जिसका नाम अनंता नारायणी रखा। वह अपनी बेटी के साथ निजी जिंदगी को आमतौर पर मीडिया की चकाचौंध से दूर रखती हैं।
बाल कलाकार के तौर पर शुरू किया था करियर
शोभना ने अभिनय की शुरुआत बतौर बाल कलाकार की थी। साल 1980 में आई फिल्म ‘मंगला नायगी’ में उनके अभिनय को सराहना मिली और इसी फिल्म के लिए उन्हें अपना पहला पुरस्कार भी मिला। इसके बाद 1984 में निर्देशक बालचंद्र मेनन की फिल्म ‘अप्रैल 18’ से उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के तौर पर शुरुआत की। यहां से उनके फिल्मी करियर ने रफ्तार पकड़ी और उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। अपने लंबे करियर में शोभना ने कई यादगार फिल्मों में काम किया है। इनमें ‘कनमरायथु’, ‘मीनमासाथिले सूर्यान’, ‘चिलंबू’, ‘चरित्रम’, ‘मंबाझक्कलम’, ‘मणिचित्रथाझु’, ‘थीरा’ और ‘थुडरुम’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने की उनकी क्षमता ने उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल किया।
दो बार मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, पद्म भूषण से भी सम्मानित
शोभना के अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘मणिचित्रथाझु’ में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद 2001 में फिल्म ‘मित्र, माय फ्रेंड’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। कला के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पहले पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके बाद पिछले साल उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया। इसके अलावा उनके नाम केरल राज्य फिल्म पुरस्कार, कलैमामणि, फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, कलारत्न और केरल संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप जैसे कई सम्मान भी दर्ज हैं। मलेशिया में एएमएमए अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस के जरिए भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।
भरतनाट्यम में भी है खास पहचान
अभिनय के अलावा शोभना ने शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने चित्रा विश्वेश्वरन और पद्मा सुब्रह्मण्यम जैसी दिग्गज गुरुओं से भरतनाट्यम की शिक्षा ली है। साल 1991 में उन्होंने अपना डांस इंस्टीट्यूट ‘कलार्पणा’ शुरू किया। इस संस्थान के जरिए वह नई पीढ़ी को भरतनाट्यम की बारीकियां सिखा रही हैं। अब तक यहां 600 से अधिक विद्यार्थी प्रशिक्षण ले चुके हैं। संस्थान का उद्देश्य नृत्य को केवल एक कला के रूप में नहीं, बल्कि उसके व्यावहारिक, सैद्धांतिक, भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक पहलुओं के साथ समझाना है।
कौन थीं कैकेसी, ‘रामायण’ में निभा रही हैं रावण की मां का किरदार
वाल्मीकि रामायण की कथा में कैकेसी रावण की मां थीं। वह सुमाली और केतुमती की बेटी तथा ऋषि विश्रवा की पत्नी थीं। रावण के अलावा कुंभकर्ण, विभीषण और शूर्पणखा भी उनके ही संतान थे। नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में शोभना इसी महत्वपूर्ण किरदार को निभा रही हैं। फिल्म में यश रावण की भूमिका में हैं। इसके अलावा निर्माता नमित मल्होत्रा के बेटे राघव मल्होत्रा युवा रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं। इस तरह शोभना का किरदार फिल्म की कहानी में रावण के पारिवारिक और शुरुआती जीवन से जुड़ा अहम हिस्सा है।
