AIMIM नेता इम्तियाज जलील के खिलाफ मुकदमा दर्ज, निदा खान को बचाने के मामले में एक्शन
नाशिक कंवर्जन मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस ने AIMIM नेता इम्तियाज जलील के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। उनपर मुख्य आरोपी निदा खान को बचाने और छिपाने का आरोप है।
नाशिक धर्मांतरण मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। पुलिस ने AIMIM नेता इम्तियाज जलील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान को छिपाने और उसे पनाह देने के आरोप में इम्तियाज जलील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा है, जिसमें निदा खान पर धर्मांतरण का आरोप है। इम्तियाज जलील ने खुलकर कहा था कि हर परिस्थिति में निदा के साथ खड़े रहेंगे।
आरोपी मतीन पटेल ने लिया था जलील का नाम
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जलील पर FIR दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपी मतीन पटेल ने पूछताछ में जलील का नाम लिया था। आरोपी मतीन पटेल ने बताया कि निदा का ठिकाना जलील को पता है। जलील ने खुद स्वीकार किया कि मुंबई में निदा से मुलाकात की थी। जलील ने खुलकर कहा था कि हर परिस्थिति में निदा के साथ खड़े रहेंगे और उन पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
जलील के खिलाफ SC/ST Act का भी है पुराना मामला
इससे पहले, इम्तियाज जलील के खिलाफ पिछले साल SC/ST Act के तहत ‘हरिजन’ शब्द का कथित तौर पर प्रयोग करने को लेकर मामला दर्ज किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के एक वर्कर की तरफ से पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
जलील पर क्या था आरोप?
गौरतलब है कि इम्तियाज जलील ने 11 जून, 2025 को सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट पर जमीन के लेन-देन के संबंध में आरोप लगाए थे। इस शिकायत में दावा किया गया था कि मंत्री अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और जलील ने बार-बार ‘हरिजन’ शब्द का इस्तेमाल किया और इस प्रकार समुदाय का ‘अपमान’ किया। पुलिस अधिकारी ने ये भी कहा था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसी मेंबर को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या धमकाने के आरोप में एससी, एसटी अधिनियम की धारा 3 (1) (आर) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले, एक विवादास्पद बयान देते हुए इम्तियाज जलील ने कहा था कि मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छूने की हिम्मत की तो हाथ काट दूंगा।
