बांकीपुर उपचुनाव से जुड़ी बड़ी खबर, तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन दिया, भाई तेजस्वी की बढ़ेंगी मुश्किलें?
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर को तेज प्रताप यादव का समर्थन मिल गया है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि आरजेडी को कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है।
HIGHLIGHTS
बांकीपुर उपचुनाव के लिए रोमांचक होगा मुकाबला
तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर को समर्थन दिया
बांकीपुर में 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव
पटना: बिहार के बांकीपुर में होने वाला विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प होने वाला है। इस सीट की इतनी चर्चा इसलिए भी है क्योंकि ये सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने की वजह से खाली हुई है और उपचुनाव में इस सीट से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर मैदान में हैं।
क्या बोले तेज प्रताप?
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर को जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव का साथ भी मिल गया है। JJD अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा, “जैसे ही मैंने प्रशांत किशोर को समर्थन दिया, बारिश शुरू हो गई। इससे साबित होता है कि भगवान भी चाहते हैं कि बांकीपुर विधानसभा के लिए सही लोगों को चुना जाए। RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता भी मैदान में हैं। मेरा कहना है कि उन्हें भी प्रशांत किशोर का समर्थन करना चाहिए।”
तेज प्रताप यादव ने कहा कि अब भगवान भी चाहते हैं कि बांकीपुर में सही लोगों का चुनाव हो और सही लोग आएं। मैं तो चाहूंगा कि RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता को भी प्रशांत किशोर का समर्थन करना चा
हिए।बांकीपुर सीट को माना जाता है बीजेपी का गढ़
दरअसल बांकीपुर सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी यहां से विधायक रह चुके हैं। उपचुनाव काफी चर्चित है क्योंकि जन सुराज के प्रशांत किशोर खुद इस बार चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी ने इस सीट से नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है।
जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन हो चुका है खारिज
दरअसल बांकीपुर उपचुनाव के लिए JJD की अपनी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन खारिज हो चुका है। ऐसे में तेज प्रताप यादव ने BJP को हराने और “सही उम्मीदवार” को जिताने की बात कही है। यानी वह चाहते हैं कि इस सीट पर पीके ही जीतकर आएं। ऐसे में तेज प्रताप यादव का ये दांव प्रशांत किशोर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
बांकीपुर में कब हैं उपचुनाव?
बांकीपुर में 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव होने वाले हैं। मतगणना 3 अगस्त 2026 को होगी।
तेज प्रताप के फैसले से भाई तेजस्वी को लगेगा झटका?
तेज प्रताप लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं और RJD से अलग होकर उन्होंने अपनी पार्टी बनाई है। वहीं भाई तेजस्वी भी आरजेडी के बांकीपुर जीतने के लिए पूरा दम लगाए हुए हैं और अपने कैंडिडेट को जितवाना चाहते हैं। लेकिन प्रशांत किशोर के आने से मुकाबला कड़ा हो गया है, दूसरी तरफ बीजेपी भी अपनी साख के साथ इस सीट पर डटी हुई है।
जानकारों का कहना है कि तेज प्रताप का पीके को समर्थन देने से पीके को फायदा मिलेगा, वहीं तेजस्वी को कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है। (इनपुट- ANI)
