अमेरिका ने 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड साजिद मीर पर 50 लाख डॉलर के ईनाम की घोषणा की
अमेरिका ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी साजिद मीर के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 50 लाख डॉलर के ईनाम की घोषणा की है। भारत पिछले 12 वर्षों से इस आतंकी की तलाश कर रहा है। साजिद मीर पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला बताया जाता है और यह एफबीआई की मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में भी शुमार है। बीते दिनों भारत ने पाकिस्तान से साजिद मीर का प्रत्यर्पण करने को कहा था लेकिन इमरान सरकार ने इसे अनसुना कर दिया था।
भारत एवं अमेरिका दोनों ने अपनी छानबीन में पाकिस्तानी आतंकी साजिद मीर को मुंबई हमले के लिए दोषी पाया है। बीते दिनों अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी साल 2019 की आतंकवाद संबंधी रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान ने महज दिखावे के लिए आतंकी संगठन लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद पर तो कार्रवाई की है। इमरान खान की सरकार साजिद मीर के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रही है जबकि मुंबई हमले का खाका तैयार करने वाला यह आतंकी पाकिस्तान में खुला घूम रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, एफबीआइ पहले से ही साजिद पर पांच मिलियन डॉलर यानी करीब 37.81 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा कर चुकी है। आतंकी साजिद मीर डेनमार्क के एक अखबार के कार्यालय पर हमले के मामले में भी वांछित बताया जाता है। साजिद मीर के बारे में कहा जाता है कि वह सात स्तरों वाली सुरक्षा में रहता है जो आमतौर पर आईएसआई ही मुहैया कराती है। पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर भी पाकिस्तानी आईएसआई के संरक्षण में ही बताया जाता है।
रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस प्रोग्राम (US Rewards for Justice program) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अमेरिका को साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की तलाश है। इस आतंकी के बारे में जानकारी देने वाले को 50 लाख डॉलर का ईनाम दिया जा सकता है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि साजिद मीर ने ही मुंबई हमले की योजना बनाई थी और इसकी तैयारियां कराई थीं। साजिद मीर पर इलिनोइस की एक अदालत (Northern District of Illinois) में भी केस चल रहा है। उस पर आतंकियों की मदद करने के आरोप हैं।
अमेरिका की ओर से उठाए गए इस कदम से आतंकवाद पर पाकिस्तान का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मुंबई हमले के 12 साल बाद पाकिस्तान ने हमले में भूमिका निभाने वाले प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के 19 सदस्यों को मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में डाल तो दिया है, लेकिन उन्हें पकड़ने में अब तक नाकामयाब रहा है। पाकिस्तान ने इन आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीर कोशिश भी नहीं की। इतना ही नहीं, जो सात आतंकी मुकदमे का सामना कर रहे हैं, उन्हें भी सजा नहीं हुई है।सुरक्षा एजेंसियों को उन 19 मोस्ट वांटेड आतंकियों के बारे में कुछ अता-पता नहीं है।
माना जा रहा है कि इनमें से कुछ पाकिस्तान में ही छिपे हैं। इनमें भारत में दो मोस्ट वांटेड जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद तथा जैश-ए-मुहम्मद का सरगना मसूद अजहर शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई हमले की साजिश तथा अमल कराने वाला साजिद मीर पाकिस्तानी एजेंसियों की मदद से ही गिरफ्तारी से बच रहा है। वह अमेरिका, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, डेनमार्क तथा ब्रिटेन में भी करीब आधा दर्जन हमलों के लिए जिम्मेदार है। पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) 2009 से ही मुंबई हमले की जांच कर रही है लेकिन 19 मोस्ट वांटेड आतंकी अभी भी उसकी पकड़ से बाहर हैं।
