01 October, 2026 (Thursday)

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को दुनिया कर रही सलाम, सोशल मीडिया पर छाए 174 जान बचाने वाले पायलट; देखें यूजर्स के रिएक्शन

सोशल मीडिया पर इस समय ​कैप्टन स्मित मच्छार काफी ट्रेंड कर रहे हैं। वजह है, फ्लाई दुबई की फ्लाइट में दिखाई गई उनकी बहादुरी। 174 जानें बचाने वाले भारतीय पायलट की कई सोशल मीडिया यूजर्स तारीफ कर रहे हैं।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को कॉकपिट में हुई डरावनी घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस दिखाया और 174 यात्रियों व क्रू सदस्यों की जान बचाई। उनकी इस बहादुरी की दुनिया भर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं ने उन्हें ‘हीरो’ करार दिया है।

क्या है पूरा मामला
घटना के अनुसार, फ्लाईदुबई का बोइंग 737 विमान दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रहा था। कॉकपिट में सह-पायलट (कथित रूप से ओमानी नागरिक) ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने का प्रयास किया। संघर्ष के दौरान विमान ने अचानक हजारों फीट की ऊंचाई खो दी, कुछ रिपोर्ट्स में 14,000 से 17,000 फीट तक की गिरावट का जिक्र है। खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को अंदर आने का रास्ता दिया। यात्रियों (जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे) और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। दो अन्य योग्य पायलट जो यात्री के रूप में सवार थे, उन्होंने भी नियंत्रण में मदद की। विमान ने सऊदी अरब के तबूक (Tabuk) में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। सभी 174 लोग सुरक्षित रहे।

सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित की तारीफ
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के बारे में जैसे ही लोगों को पता चला वैसे ही सोशल मी​डिया पर कैप्टन स्मित ट्रेंड करने लगा। भारतीय पायलट की बहादुरी पर यूजर्स के रिएक्शन भी भावुक करने वाले हैं। कई ने उन्हें “असली हीरो” और “सुपरहीरो” बताया। लोग लिख रहे हैं- “सभी हीरो कैप नहीं पहनते—कुछ कॉकपिट में बैठते हैं।” किसी ने लिखा कि, “भारत को गर्व है” तो किसी ने कहा, “9/11 जैसी त्रासदी टल गई”। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कई संगठनों और आम नागरिकों ने सलाम किया।

पूर्व सैन्य अफर ने भी दी प्रतिक्रिया
पूर्व भारतीय सेना अधिकारी कैप्टन आकाश सहारन ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, ‘घायल, लेकिन कभी पराजित नहीं। कैप्टन स्मित मच्छार को उनके ही सह-पायलट ने हवा में चाकू मार दिया, फिर भी उन्होंने अविश्वसनीय साहस के साथ अपनी और विमान में सवार सभी लोगों की रक्षा की। कैप्टन, हमें आप पर बहुत गर्व है। आपने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’
“भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर अपना संदेश साझा करते हुए लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। घोर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस और दूसरों के जीवन की रक्षा करने का अटूट संकल्प दिखाया। उनके शौर्य ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।”
भारतीय पायलट को मेरा सलाम…
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट के बारे में एक ट्वीट साझा किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की असाधारण बहादुरी को मेरा सलाम। चाकू से हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने डटकर मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों और चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में मदद की, जिससे एक भीषण हवाई दुर्घटना टल गई।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने इजरायली नागरिकों और अन्य राष्ट्रीय नागरिकों सहित 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छर के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वे सच्चे नायक हैं।”

कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में
कैप्टन मच्छार मुंबई से जुड़े भारतीय पायलट हैं। उन्होंने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी, लेकिन एविएशन सेमिनार ने उनका रास्ता बदल दिया। न्यूजीलैंड में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने स्पाइसजेट में करीब 11 साल काम किया, जहां वे सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बने। जून 2022 में फ्लाई दुबई में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के रूप में जुड़े। उनके पास बोइंग 737 पर करीब 9,750 उड़ान घंटे का अनुभव है। वर्तमान में वे सऊदी अस्पताल में स्थिर हालत में हैं और भारतीय दूतावास उनकी मदद कर रहा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed