गर्मी से बढ़ रहा है हीट स्ट्रोक का खतरा, जानिए इसका शरीर पर क्या पड़ता है असर, क्या हैं लक्षण, बचने के लिए क्या करें
इस बार गर्मी रुलाने वाली है क्योंकि मार्च के शुरुआत में ही देश की कई हिस्सों में हीट स्ट्रोक के मामले सामने आने लगे हैं। हर दिन तापमान तेजी से बढ़ रहा है। जानिए हीट स्ट्रोक और लू के लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचें?
देश की कई हिस्सों में मार्च में ही तेज गर्मी पड़ने लगी है। दोपहर के वक्त धूप में एक पल भी खड़े रहना मुश्किल हो रहा है। राजस्थान, हरियाणा और बिहार में अभी से हवा लू जैसी महसूस होने लगी है। अगर गर्मी इसी तरह से बढ़ती रही तो लू लगने और हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ने लगेंगे। जब तापमान बढ़ता है तो शरीर अंदर के टेंपरेचर को मेंटेन करने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। तेज गर्मी में रहने से शरीर में तनाव बढ़ने लगता है। ऐसे में स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। खासतौर से बच्चों, बुजुर्गों और किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को ज्यादा मुश्किल होती है। ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि हीट स्ट्रोक होने पर शरीर में क्या बदलाव आते हैं। क्या लक्षण महसूस होते हैं और हीट स्ट्रोक से कैसे बचें। लू लगने पर क्या करें क्या उपाय करने चाहिए?
गर्मी से बचने के लिए शरीर कैसे काम करता है?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी ने बताया कि, इंसान का शरीर सामान्य तौर पर करीब 37 डिग्री सेल्सियस बनाए रखने का प्रयास करता है, लेकिन जब बाहर का तापमान बढ़ने लगता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लू चलने पर शरीर पसीना बहाकर और त्वचा में ब्लड फ्लो बढ़ाकर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। 2018 में छपी एक रिपोर्ट बताती है पसीना आना और रक्त वाहिकाओं का फैलना (वैसोडिलेशन) मिलकर शरीर को ठंडा रखने का काम करते हैं। जब हाइपोथैलेमस शरीर में बढ़े हुए तापमान को महसूस करता है तो पसीना ग्रंथियों को एक्टिव करता है, जिससे पसीना निकलता है और शरीर ठंडा होने लगता है। पसीना गर्मी में वाष्पित होता है और गर्मी कम होती है। इससे त्वचा की सतह ब्लड वेसेल्स चौड़ी हो जाती हैं और रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। इस तरह शरीर खुद को कूल डाउन करने का काम करता है। हालांकि जब तापमान शरीर के कंट्रोल से बाहर हो जाता है तो हीट स्ट्रोक और लू लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
गर्मी से बचने के लिए शरीर कैसे काम करता है?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी ने बताया कि, इंसान का शरीर सामान्य तौर पर करीब 37 डिग्री सेल्सियस बनाए रखने का प्रयास करता है, लेकिन जब बाहर का तापमान बढ़ने लगता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लू चलने पर शरीर पसीना बहाकर और त्वचा में ब्लड फ्लो बढ़ाकर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। 2018 में छपी एक रिपोर्ट बताती है पसीना आना और रक्त वाहिकाओं का फैलना (वैसोडिलेशन) मिलकर शरीर को ठंडा रखने का काम करते हैं। जब हाइपोथैलेमस शरीर में बढ़े हुए तापमान को महसूस करता है तो पसीना ग्रंथियों को एक्टिव करता है, जिससे पसीना निकलता है और शरीर ठंडा होने लगता है। पसीना गर्मी में वाष्पित होता है और गर्मी कम होती है। इससे त्वचा की सतह ब्लड वेसेल्स चौड़ी हो जाती हैं और रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। इस तरह शरीर खुद को कूल डाउन करने का काम करता है। हालांकि जब तापमान शरीर के कंट्रोल से बाहर हो जाता है तो हीट स्ट्रोक और लू लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
