बिहार में CM-डिप्टी सीएम के बीच हुआ विभागों का बंटवारा, NDA में किस पार्टी को कितने मंत्री पद मिलेंगे, ये भी जानें
बिहार में सीएम और डिप्टी सीएम के बीच विभागों का बंटवारा भी हो गया है और ये जानकारी भी सामने आ गई है कि एनडीए की पार्टियों के बीच मंत्री पद का बंटवारा कितनी संख्या में किया जाएगा।
बिहार में सीएम और डिप्टी सीएम के बीच विभागों का बंटवारा भी हो गया है और ये जानकारी भी सामने आ गई है कि एनडीए की पार्टियों के बीच मंत्री पद का बंटवारा कितनी संख्या में किया जाएगा।
दूसरी बड़ी खबर ये है कि एनडीए में किस पार्टी को कितने मंत्री पद मिलेंगे, ये जानकारी भी सूत्रों के हवाले से सामने आ गई है।
बिहार में विभागों का कैसे हुआ बंटवारा
CM सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग रहेंगे। डिप्टी CM विजय चौधरी के पास 10 विभाग रहेंगे। डिप्टी CM विजेंद्र यादव के पास 8 विभाग रहेंगे।
एनडीए में मंत्री पद का बंटवारा कैसे होगा?
सूत्रों के अनुसार, ये जानकारी सामने आ गई है कि NDA में मंत्री पद का बंटवारा किस तरह से होगा। नई सरकार में जेडीयू के कितने नेता मंत्री बनेंगे और बीजेपी के कितने नेताओं को मंत्री पद मिलेगा, ये साफ हो गया है।
NDA में किस पार्टी के कितने नेता बनेंगे मंत्री?
बीजेपी- 15 (सीएम समेत)
जेडीयू- 17 (2 डिप्टी सीएम समेत)
एलजेपी(आर)- 2
हम- 1
आरएलएम- 1
कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार?
1 मई को मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई जा रही है।
नए सीएम के सामने क्या चुनौती?
हालांकि जानकारों का कहना है कि नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद बिहार सरकार में एनडीए के बीच विभिन्न दलों में आपसी तालमेल बिठाना एक बड़ी चुनौती होगी। सीएम सम्राट के सामने ये भी एक चुनौती होगी कि जेडीयू से बिना मतभेद के राज्य के मुद्दों के हल निकाला जाए क्योंकि नीतीश के सीएम पद से इस्तीफा देने पर भी जेडीयू में काफी नाराजगी की बात सामने आई थी। हालांकि नीतीश ने शुरू से कोई नाराजगी जाहिर नहीं की थी।
हालांकि शपथ लेने के बाद सीएम सम्राट चौधरी का पहला बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। बता दें कि बीजेपी ने पहली बार राज्य में अपना सीएम बनाया है। डिप्टी सीएम के तौर पर जदयू नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव ने शपथ ली है।
पहले ये चर्चा चली थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निशांत कुमार ने खुद ही इसके लिए मना कर दिया। हालांकि अनुभवी नेताओं का कहना है कि निशांत को जेडीयू में संगठन के अंदर अहम भूमिका मिल सकती है।
बता दें कि निशांत ने हालही में जेडीयू ज्वाइन की है। उन्होंने बार-बार मीडिया में यही कहा कि पिता ने जनता के लिए जिस तरह से काम किया और समर्पण दिखाया, वह भी उसी तरह काम करने की कोशिश करेंगे। हालांकि अनुभव की बात सही है कि निशांत को राजनीति में सक्रिय हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है।
