08 June, 2026 (Monday)

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, शीतलहर की आशंका; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे जाने के बाद अब उत्तर भारत के राज्यों में ठंड का प्रकोप बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में उत्तर भारत के कुछ राज्यों में सीजन का पहला शीतलहर देखने को मिल सकता है। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीतलहर की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो दिल्ली में अभी शीतलहर के आसार नहीं हैं।

राजधानी दिल्ली में भी ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो दिल्ली में अभी शीतलहर के आसार नहीं हैं। हालांकि, यहां तापमान में 8 से 9 डिग्री की गिरावट दर्ज किए जाने की आशंका है। यह सामान्य से 3-4 डिग्री कम है। दिल्ली समेत उत्तर भारत में ठंड धीरे-धीरे ही बढ़ेगी। वैसे मौसम विभाग का यह भी पूर्वानुमान है कि दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर चलने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इस बार के सर्दी के मौसम के लिए मौसम विभाग का यह भी पूर्वानुमान है कि इस साल दिसंबर से लेकर फरवरी तक दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। रात सर्द तो दिन कंपकंपाने वाले हो सकते हैं।

एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और निचले क्षोभमंडल स्तरों में पड़ोस में बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और श्रीलंका और दक्षिण तमिलनाडु को पार करने की संभावना है। एक ट्रफ रेखा (निम्न दबाव की रेखा) चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी और पड़ोस से तमिलनाडु तट तक चल रही है।

इसकी वजह से अगले 5 दिनों के दौरान कर्नाटक, केरल और माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में और 25 और 26 नवंबर को केरल और माहे में अलग-अलग भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 25 और 26 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

श्रीनगर में तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है। बीती रात सीज़न की सबसे ठंडी रात रेकॉर्ड की गई। इस दौरान माइनस 2.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विज्ञान के एक्सपर्ट्स ने बताया कि हिमालय से होकर गुजरने वाले उत्तर-पश्चिमी ठंडी और शुष्क हवाओं के बहने से उत्तर भारत में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ये हवाएं जब भी मैदानी इलाकों में पहुंचती हैं, वहां सर्दी बढ़ जाती है।

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