27 June, 2026 (Saturday)

मंदिर, रेलवे स्टेशन को निशाना बना सकते हैं खालिस्तानी आतंकी, खुफिया विभाग ने जारी किया अलर्ट

सूत्रों के अनुसार आतंकी उत्तराखंड और दिल्ली के मंदिरों को टारगेट कर सकते हैं। वह सरकारी संस्थान, रेलवे स्टेशन और पुलिस को भी निशाना बना सकते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियां और दिल्ली पुलिस अलर्ट पर हैं।
खुफिया विभाग ने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के अनुसार आतंकी उत्तराखंड और दिल्ली के मंदिरों को टारगेट कर सकते हैं। अर्लट के मुताबिक, आने वाले दिनों में खालिस्तानी आतंकी बड़ा हमला कर सकते हैं। वह सरकारी संस्थान, रेलवे स्टेशन और पुलिस को भी टारगेट कर सकते हैं। एक ईमेल के मिलने के बाद से उत्तराखंड पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियां और दिल्ली पुलिस अलर्ट पर हैं।

ईमेल में कई मन्दिरों के नाम, कई ऑफिस और पॉलिटिकल नेताओं को टारगेट के बारे में भी लिखा है। दिल्ली पुलिस भी अब इस ईमेल की जांच में जुटी है। अलर्ट मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस, खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तेज कर दी है।

पहले भी मिल चुके हैं कई धमकी भरे मेल
दिल्ली के कई सार्वजनिक संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल मिलते रहे हैं। अधिकतर मौकों पर ऐसे ई-मेल फर्जी पाए जाते हैं। इन ईमेल में स्कूल के अंदर बम होने की धमकी दी जाती है या फ्लाइट में बम होने की बात कही जाती है। हालांकि, आतंकी हमले की धमकी से जुड़े मेल कम होते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस ईमेल को गंभीरता से ले रही हैं और पूरी सतर्कता बरत रही हैं।

राजस्थान में पकड़ी गई थी पाकिस्तानी आतंकियों से जुड़ी महिला
राजस्थान में कुछ समय पहले एक महिला को आतंकवाद विरोधी दस्ते ने पकड़ा था। इस महिला पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप हैं। महिला गंगापुर शहर की मूल निवासी है और जयपुर में रह रही थी। उसे खुफिया जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया गया था, जिसमें उसके राष्ट्रविरोधी तत्वों से संबंध होने का संकेत मिला था। मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने पाया कि वह दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल कर रही थी जिसमें आपत्तिजनक सामग्री के साथ-साथ विदेशी प्रोफाइल के लिंक भी थे।

पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थी महिला
अधिकारियों ने बताया कि उसकी फ्रेंड लिस्ट में कई प्रोफाइल पर झंडे, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य चरमपंथी संगठनों से संबंधित प्रचार सामग्री और सशस्त्र आतंकवादियों से मिलती-जुलती तस्वीरें प्रदर्शित थीं। जांच में यह भी पता चला कि वह व्हाट्सएप के जरिए कई पाकिस्तानी और अन्य विदेशी नंबरों के संपर्क में थी। सूत्रों के अनुसार, उसकी संपर्क सूची में मिले कुछ पाकिस्तानी नंबरों का आतंकी संगठनों से संबंध होने का संदेह है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed