15 August, 2026 (Saturday)

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस ने किया राष्ट्रगीत का अपमान? सोनिया गांधी के वायरल वीडियो पर छिड़ी बहस

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं ने लगातार दूसरे साल 15 अगस्त पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया। हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में तिरंगा फहराया गया। इस कार्यक्रम में दोनों नेता मौजूद रहे। खड़गे ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के कई सीनियर नेता मौजूद रहे। हालांकि, इस कार्यक्रम का एक वीडियो पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर बहस छिड़ गई है। बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोप लगाया है। हालांकि, लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में पहली बार पूरा राष्ट्रगीत बजाया गया।
कांग्रेस दफ्तर से वंदे मातरम गान के दौरान विवाद की तस्वीर सामने आई है। एक ऐसा वाकया हुआ है, जिससे ये मैसेज जा रहा है कि पूरा वंदे मातरम गाने से रोकने की कोशिश हुई और सबसे बड़ी खबर ये है कि अब बीजेपी ने इस मुद्दे को उठाया है। गुजरात बीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया है। वीडियो शेयर करते लिखा है कि कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान कर अपनी मानसिकता उजागर की है। वोट बैंक के लिए कांग्रेस ने फिर से राष्ट्रगीत का अपमान किया।
क्या है मामला?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ध्वजारोहण के लिए खड़े हैं। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उनके पास ही खड़ी हैं। दूसरी तरफ राहुल गांधी भी कुछ दूरी पर खड़े हैं। राष्ट्रगीत बज रहा है। हालांकि, जब राष्ट्रगीत का तीसरा छंद बज रहा था तब राहुल ने सोनिया और खड़गे की तरफ देखना शुरू किया। कैमरा सोनिया गांधी पर गया तब चौथा छंद बजने लगा था। इस दौरान वह किसी बात से असहमत नजर आईं और मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की। एक कार्यकर्ता भी उनकी बात सुनने के लिए पास आया, लेकिन थोड़ी देर में सब शांत हो गया और सभी नेताओं ने खड़े होकर पूरा राष्ट्रगीत गाया। इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने झंडा फहराया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्या कहा?
इंदिरा भवन स्वतंत्रता दिवस झंडा रोहण कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर अलग-अलग बयान दिए हैं। किसी का कहना है कि उन्होंने इशारा करके खड़गे जी के लिए कुर्सी मंगाई थी। वहीं, किसी का कहना है कि वह पानी मांग रही थीं। एक कार्यकर्ता शकील अहमद ने कहा, “कांग्रेस में हमेशा से यह चलन रहा है कि वंदे मातरम के दो ही छंद गए जाते हैं, क्योंकि वह सेक्युलर हैं और आगे की लाइन से दूसरे समाज के लोगों को परेशानी हो सकती है। हो सकता है सोनिया गांधी ने पूरा गीत बजाने पर आपत्ति जताई हो और हम इसका स्वागत भी करते हैं अगर उन्होंने ऐसा किया है तो।”

कांग्रेस नेताओं ने क्या बताया?
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत से जब इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई विवाद नहीं हुआ और ज्यादा जानकारी कांग्रेस आलाकमान या जयराम रमेश देंगे। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश से जब सवाल किया गया तो उन्होंने आरोपों से मना कर दिया और कहा कि वंदे मातरम गान रुकवाने की कोई कोशिश नहीं हुई है। सिर्फ खरगे जी को सीट दिलाने की मंशा थी और वही सोनिया बोल रहीं थीं।

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