27 July, 2026 (Monday)

CJP नेताओं की शिकायत पर सरकार ले रही संज्ञान, शांतिपूर्वक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं: सूत्र

सूत्रों के अनुसार सरकार ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी। इससे पहले सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा था कि मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिलने पर वह दोबारा प्रदर्शन शुरू करेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद सरकार ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सीजेपी नेताओं की शिकायत पर संज्ञान ले रही है। सरकार की तरफ से प्रदर्शनकारियों पर जिन राज्यों में कार्रवाई हो रही है, उसके बारे में जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही यह जानकारी सामने आई है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, इससे यह भी साफ हो चुका है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।
इस बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल उनकी मदद कर रहे हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद देने के लिए एक करोड़ रुपये भी दिए हैं। सीजेपी ने ‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके जरिए उन प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद दी जाएगी, जिनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है और कार्रवाई की जा रही है।

20 जून से शुरू हुआ था सीजेपी का विरोध प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में सोनम वांगचुक ने इस मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। ऐसे में प्रदर्शन में लोगों की संख्या बढ़ने लगी। 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद भवन तक मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शन बड़ा हो गया और 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सीजेपी ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।

20 जुलाई को हुई थी हिंसा
सीजेपी के प्रदर्शन में 20 जुलाई को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें आईं। इसके बाद देश के अन्य इलाकों में भी प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। खासकर बिहार में बेहद उग्र प्रदर्शन हुए। 25 जुलाई को सरकार ने सीजेपी की सभी मांगें स्वीकार कर ली थीं, जिनमें नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देना और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने की बात भी शामिल थी।

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