11 September, 2026 (Friday)

अजवाइन किस बीमारी को ठीक करने में मदद करती है, जानिए इसे पेट के लिए क्यों माना गया है अमृत समान

मसाले में अजवाइन का इस्तेमाल सब्जी बनाने और पूरी-पराठे में किया जाता है। ये छोटा सा मसाला अपने औषधीय गुणों की वजह से कई दवाओं और घरेलू नुस्खों में भी असरदार काम करता है। आइये जानते हैं अजवाइन के फायदे क्या हैं?
ज्यादातर घरों में आपको अजवाइन मिल जाएगी। अजवाइन एक मसाला है जिसका इस्तेमाल खाना पकाने और कई घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है। अजवाइन खाने के कई फायदे हैं। कहा जाता है कि अकेली अजवाइन ही सैकड़ों तरह के अन्न को हजम करने में मदद करती है। आचार्य बाल कृष्ण के मुताबिक अजवाइन कई बीमारियों को ठीक करने में भी असरदार काम करती है। आयुर्वेद में अजवाइन के बीजों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। अजवाइन को मसाला, चूर्ण, काढ़ा और अजवाइन का पानी के रूप में इस्तेमाल करने से फायदे मिलते हैं।

अजवाइन के फायदे ((Benefits of Ajwain)
सीने की जलन में फायदा- अजवाइन का इस्तेमाल एसिडिटी और पेट में जलन को कम करने में असरदार होता है। ज्यादा तेल मसालेदार खाने के बाद सीने में जलन से परेशान रहते हैं तो इसके लिए 1 ग्राम अजवाइन और बादाम की 1 गिरी को खूब चबा-चबा कर या पीस कर खाएं। इससे फायदा होता है।

पेट की बीमारियों में असरदार- जिन लोगों को पेट संबंधी रोग बने रहते हैं उन्हें अजवाइन का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके लिए आप 1 हिस्सा अजवाइन, उसका आधा हिस्सा काली मिर्च और सेंधा नमक को मिलाकर पीस लें। अब इसे गुनगुने पानी के साथ 1-2 ग्राम की मात्रा में लेना है। सुबह-शाम इस अजवाइन वाले चूर्ण को खाने से पेट संबंधी रोग ठीक होते हैं।

पाचनतंत्र के लिए अजवाइन- जिनका पाचनतंत्र सही नहीं रहता वो अजवाइन का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए 80 ग्राम अजवाइन, 40 ग्राम सेंधा नमक, 40 ग्राम काली मिर्च, 40 ग्राम काला नमक, 500 मिग्रा यवक्षार ले लें। इन्हें 10 मिली कच्चे पपीते के दूध (पापेन) में महीन पीस लें। अब कांच के बर्तन में भर लें और 1 लीटर नींबू का रस इसमें डालकर धूप में रख दें। इसे बीच-बीच में हिलाते रहें। 1 महीने बाद जब यह बिल्कुल सूख जाए, तो सूखे चूर्ण को 2 से 4 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लें।

एसिडिटी में अजवाइन- कई बार बाहर का खाने के बाद खट्टी डकारें आने लगती हैं। पेट में गुड़गुड़ाहट होने लगती है। ऐसे में आप 250 ग्राम अजवाइन को 1 लीटर गौमूत्र में भिगोकर रख लें। इसे 7 दिन तक छाया में सुखा लें। अब इसे 1-2 ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे जलोदर, खट्टी डकारें आना, पेट दर्द, पेट में गुड़गुड़ाहट जैसे रोगों में फायदा मिलेगा।

पेट दर्द में आराम- अजवाइन को सेंधा नमक, हरड़ और सोंठ के चूर्ण को बराबर-बराबर मात्रा में मिला लें। इस चूर्ण को 1 से 2 ग्राम गुनगुने पानी के साथ खाएं। इससे पेट दर्द में आराम मिलेगा। अगर पेट में मरोड़े या दर्द है तो 3-4 बूंद दिव्यधारा को बतासे में डालकर देने से तुरन्त फायदा मिलता है। पेट का दर्द, पेट फूलना जैसी समस्याओं में 10 ग्राम अजवाइन, 6 ग्राम छोटी हरड़ लें और इन्हें 3-3 ग्राम घी में भुनी हुई हींग और 3 ग्राम सेंधा नमक के साथ चूर्ण बना लें। अब इस तैयार किए गए चूर्ण में से 2 ग्राम गुनगुने पानी के साथ दिन में तीन बार खाएं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed