09 July, 2026 (Thursday)

लखनऊ के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर से दर्जनों बेशकीमती घंटे की चोरी, सेवादार ही निकला चोर

प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर से दर्जनों घंटा चोरी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने सेवादार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सेवादार के कब्जे से चोरी का घंटा बरामद होने का आरोप है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर मंदिर से आस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने वाला एक सेवादार ही पिछले कई दिनों से परिसर से चुपके-चुपके बेशकीमती घंटे चोरी कर रहा था। लगातार हो रही चोरियों से परेशान मंदिर प्रशासन ने जब पहरा बिठाया, तो आज आरोपी सेवादार झोले में दर्जनों घंटे भरकर ले जाते हुए पकड़ा गया। लोगों ने पुलिस बुलाकर उसे सौंप दिया है।
झोले में घंटे भरते हुए पकड़ा गया सेवादार
मंदिर के सेवादार की पहचान गोलू उर्फ गौरव के रूप में हुई है, जो चोरी के दर्जनों घंटे एक झोले में भरकर ले जाते हुए पकड़ा गया। आरोपी श्रृंगार आरती की व्यवस्था से भी जुड़ा बताया जा रहा है। इसी का फायदा उठाकर वह काफी समय से इस काम को अंजाम दे रहा था। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इससे पहले भी मंदिर में हुई घंटा चोरी की घटनाओं में इसी सेवादार का हाथ था।
घटना के बाद सनी, विशाल और राकेश समेत कई स्थानीय लोगों ने पारा थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। तहरीर में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अधीन है। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पारा थाना पुलिस बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई होगी।
बगलामुखी मंदिर दान में घोटाले की शिकायत
बीते दिनों मध्य प्रदेश के मशहूर मां बगलामुखी मंदिर में चंदा घोटाले की बात सामने आई। आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान, चढ़ावे और सोने-चांदी के आभूषणों में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया। श्रद्धालुओं से आने वाले दान में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन किया है और उसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

शिकायत के मुताबिक, मंदिर की देखरेख के लिए जो असली सरकारी कमेटी बनी हुई है, उसे साइडलाइन कर दिया गया था। उसकी जगह एक दूसरी कमेटी खुद ही भक्तों से मिलने वाला सोना, चांदी और नगद चंदा इकट्ठा कर रही थी। आरोप है कि इस दान के पैसे और सोने-चांदी के हिसाब-किताब में बड़ा घोटाला हुआ है।

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