पर्यावरण संकट : नीतियों से नहीं, नागरिक चेतना से बचेगी प्रकृति (लेखिका- डॉ. प्रियंका सौरभ / ईएमएस)
सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है।…
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देश में और कुछ की कमी हो, लेकिन बयानवीरों की कोई कमी नहीं है। नेताओं…
बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है।…
अभी क्रिसमस 25 दिसंबर को आ रहा जो ख़ासकर ईसाई लोग मानते है उस पर…
आजकल एक्सचेंज आफर्स का जमाना है। पुरानी कार, पुराने बर्तन, पुराने ऐसी, पुराने फ्रिज, पुराने…
वायु प्रदूषण आज हमारे समय का सबसे मौन लेकिन सबसे घातक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन…
केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को केवल एक राज्य-विशेष की राजनीतिक घटना मानना…
संगीत कुंभ तानसेन समारोह विश्व का ऐसा अनोखा संगीत समागम है, जो सत्ता और समाज…
भारत की राजनीति में जब-जब केंद्र और राज्यों के बीच टकराव की स्थिति बनती है,…
साल के आखिरी महीने दिसंबर के पहले हफ्ते में क्रू रोस्टरिंग में गड़बड़ी के चलते…