08 September, 2026 (Tuesday)

BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे पुतिन, PM मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता; सुखोई पर हो सकती है डील

रूस के राष्ट्रपति पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। यहां वह PM मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। बता दें कि भारत 12-13 सितंबर को ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा।

नई दिल्ली: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है। प्रवक्ता ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय संबंधों के मुद्दों पर चर्चा करने का एक मौका है। उन्होंने शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत को सफलता की शुभकामनाएं भी दीं। इससे पहले 31 अगस्त को भी पीएम मोदी और पुतिन ने किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO समिट के दौरान बातचीत की थी।

पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे पुतिन
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने आगे कहा कि पुतिन शुक्रवार (11 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के जरिए पत्रकारों से बात करते हुए पेस्कोव ने कहा, “कुछ ही दिनों में राष्ट्रपति पुतिन अपनी भारत यात्रा शुरू करेंगे। आप जानते हैं कि हमारे दोनों नेता भारतीय और रूसी नेता बहुत करीबी व्यक्तिगत संपर्क में हैं। उनके रिश्ते बहुत व्यावहारिक हैं, और वे इतने ईमानदार हैं कि हमारे एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं। ज़ाहिर है, इससे हमारे सहयोग के लिए नए रास्ते खुलते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हमें कोई संदेह नहीं है कि शिखर सम्मेलन सफल होगा। रूस के तौर पर, हम अपने आपसी सहयोग के तीन मुख्य स्तंभों – नीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त, तथा सांस्कृतिक और मानवीय संदर्भ में ब्रिक्स सहयोग को और विकसित करने में योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, हम ब्रिक्स के विभिन्न स्वरूपों में शामिल होने के लिए नए देशों को आमंत्रित करने के विचार का समर्थन कर रहे हैं।”

सुखोई को लेकर हो सकती है चर्चा
पेस्कोव ने कहा कि बैठक में भारत को रूस के Su-57 फाइटर जेट बेचने की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है। एजेंडा में व्यापार और आर्थिक सहयोग भी शामिल होने की उम्मीद है। भारत सरकार ने अभी तक पेस्कोव की बातों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पेस्कोव ने रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने की अमेरिका की प्रस्तावित योजना की भी आलोचना की और इस कदम को “गैर-कानूनी और अस्वीकार्य” बताया।
18वां BRICS शिखर सम्मेलन
दरअसल, भारत 12-13 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहे प्रमुख उभरते बाजार वाले देशों और विकासशील देशों के अंतर-सरकारी मंच के लिए एक अहम पल होगा। भारत ने इस साल 1 जनवरी को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली, जो इस समूह की कमान संभालने का उसका चौथा मौका है। साल 2026 ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है।

शुरुआत में यह ब्राजील, रूस, भारत और चीन का ‘ब्रिक’ (BRIC) गठबंधन था। इसने 2006 में न्यूयॉर्क में UN महासभा के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की और 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में अपना पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया। बाद में, 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह ‘ब्रिक्स’ (BRICS) बन गया।

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