ईरान की ओर से जारी हमलों के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब को लेकर दिया बड़ा बयान, जानें क्या बोले PM शरीफ के प्रवक्ता
पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के बीच ईरान की ओर से सऊदी अरब पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों के दौरान पाकिस्तान ने सऊदी अरब को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है।
इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया में जारी जंग बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान सऊदी अरब की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
क्या बोले शहबाज शरीफ के प्रवक्ता?
‘डॉन डॉट कॉम’ के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने एक निजी टेलीविजन चैनल को दिए इंटरव्यू में यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। इंटरव्यू में उनसे सीधे पूछा गया कि पश्चिम एशिया में छिड़े इस युद्ध के बीच, जहां ईरान पर हमलों के बाद स्थिति बिगड़ रही है, क्या पाकिस्तान सऊदी अरब की सैन्य या किसी अन्य रूप में सहायता करेगा। जैदी ने जवाब देते हुए कहा कि सवाल यह नहीं है कि पाकिस्तान मदद करेगा या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से ही पारस्परिक सहायता का सिद्धांत कायम है। यहां तक कि किसी औपचारिक रक्षा समझौते से पहले भी पाकिस्तान और सऊदी अरब एक-दूसरे के लिए खड़े रहने के सिद्धांत पर चलते आए हैं। इसलिए इसमें कोई संदेह की गुंजाइश नहीं है कि पाकिस्तान मदद करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम मदद करेंगे।”
संघर्ष रोकने का प्रयास कर रहा है पाकिस्तान
पीएम शरीफ के प्रवक्ता जैदी ने कहा कि असली और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पाकिस्तान क्या कदम उठा रहा है ताकि स्थिति इतनी ना बिगड़े कि उसके किसी निकटतम सहयोगी को ऐसे संघर्ष में फंसना पड़े, जो ना केवल पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करे बल्कि पाकिस्तानी लोगों की समृद्धि और सुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डाल दे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पाकिस्तान ना केवल सऊदी अरब के साथ खड़ा है, बल्कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ है समझौता
बता दें कि, बीते साल पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें किसी एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। यह समझौता वर्तमान संकट में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। ईरान ने अमेरिका और इजरायली हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें सऊदी अरब भी प्रभावित हो रहा है। पाकिस्तान की सीमा ईरान के साथ लगती है और अब जब उसने सऊदी अरब का साथ देने की बात कही है तो ऐसे में ईरान का रुख भी देखने वाला रहेगा।
