05 November, 2026 (Thursday)

बाहुबली अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, सरेंडर की समय सीमा 4 दिसंबर तक बढ़ी

जदयू से निष्कासित किए गए बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके सरेंडर करने की समयसीमा बढ़ाकर चार दिसंबर कर दी है।
जदयू से निष्कासित किए गए बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अनंत सिंह के सरेंडर करने की समय सीमा 4 दिसंबर तक बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को आत्मसमर्पण के लिए अतिरिक्त समय दिया है। बता दें कि अनंत सिंह को कोर्ट ने पहले 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, अब राहत देते हुए कोर्ट ने समय सीमा बढ़ाकर 4 दिसंबर कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी राहत
अनंत सिंह के वकील ने बेटी शिवांगी सिंह की 25 नवंबर को होने वाली शादी का हवाला दिया। इसके बाद पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम और शादी की तैयारियों को देखते हुए कोर्ट ने अनंत सिंह को सरेंडर करने की समय सीमा बढ़ाकर बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने बिहार पुलिस और जांच अधिकारी को चार महीने में जांच पूरी कर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। चार महीने बाद मामले पर दोबारा सुनवाई होगी। बेटी की शादी के बाद अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक संबंधित जांच अधिकारी या अदालत के समक्ष सरेंडर करना होगा।

किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को सरेंडर करने का आदेश दिया था। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मार्च 2026 में जमानत मिली थी। इस जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या और आरोपों की गंभीरता पर सही तरीके से विचार नहीं किया। कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर कैसे देखा गया।

कब हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या
बता दें कि 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के दौरान हिंसा हुई थी। उस समय अनंत सिंह जदयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, राजद नेता दुलारचंद यादव जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने मोकामा से चुनाव जीत लिया था।

जदयू ने अनंत सिंह को पार्टी निकाला
24 अक्टूबर को ​अनंत सिंह को जदयू ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उन पर पार्टी लाइन से हटकर काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया था।

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