ऑपरेशन सिंदूर में गहरा जख्म देने के बाद भारत ने SCO समिट के लिए पाकिस्तान को भेजा न्योता, दिल्ली 20-22 नंवबर को जुटेंगे कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष
भारत ने 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पहले ‘सिविलाइज़ेशनल डायलॉग फोरम’ (सभ्यता संवाद मंच) के लिए पाकिस्तान समेत SCO के सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रित किया है।
नई दिल्लीः भारत ने दिल्ली में 20 से 22 नवंबर तक आयोजित होने वाले ‘सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम’ (सभ्यता संवाद मंच) के लिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रित किया है। इन 10 देशों में पाकिस्तान भी शामिल है। इसलिए पाकिस्तान को भी न्यौता भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भी आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक संबंधों और आपसी समझ को मजबूत करना है।
अधिकारियों ने कहा कि SCO के सभी सदस्यों को इस संवाद के लिए न्योता दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बहुपक्षीय पहल का पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है और इसे एक व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इससे पहले 20 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की थी कि भारत इस साल के अंत में पहले ‘शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम’ की मेजबानी करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के 18 महीने बाद भेजा न्यौता
संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस SCO कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान को भेजा गया यह निमंत्रण, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लगभग 18 महीने बाद आया है। यह चार दिवसीय सैन्य कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। 7 मई की तड़के शुरू हुए इस ऑपरेशन और 10 मई की शाम को हुए संघर्ष विराम (सीजफायर) के बीच, भारतीय बलों ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी शिविरों पर बमबारी की थी, इसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए। साथ ही, भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के 13 एयरबेस और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
SCO में ये देश हैं शामिल
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान ने 1 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर 2026-2027 के कार्यकाल के लिए SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के ‘हेड्स ऑफ स्टेट काउंसिल’ की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता संभाल ली है। बिश्केक में हुए SCO शिखर सम्मेलन के बाद, पाकिस्तान ने किर्गिस्तान से यह जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है। वर्तमान में SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं – बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। भारत 2017 में इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना था।
आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का कड़ा रुख
इससे पहले SCO समिट में भारत ने आतंकवाद को समर्थन देने को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशान्बे में आयोजित SCO ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट’ की 25वीं बैठक में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त कार्रवाई का आह्वान किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि आतंकवाद जैसी बुराई का कोई औचित्य नहीं हो सकता और इससे निपटने में कोई ‘दोहरा मापदंड’ नहीं अपनाया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री इशाक डार की मौजूदगी में कही थी।
