21 July, 2026 (Tuesday)

राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती फिर 2 शिफ्टों में शुरू कराई, नए गणना प्रभारी के हाथों में कमान

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती फिर से 2 शिफ्टों में शुरू हो गई है। नए गणना प्रभारी भी बनाए गए हैं और सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं।
अयोध्या: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दानपात्रों में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित की गई धनराशि की गणना फिर 2 शिफ्टों में शुरू करा दी है। सप्ताह भर का परीक्षण पूरा होने के बाद भारतीय स्टेट बैंक से इसे दो शिफ्टों में कराने को कहा गया है।

किसे बनाया गया गणना प्रभारी?
गणना प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव के जेल जाने के बाद ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी बनाया है। प्रत्येक शिफ्ट में 10-12 लोगों का समूह गणना कर रहा है। सुबह आठ बजे से दो बजे तक एक शिफ्ट और दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे तक दूसरी शिफ्ट शनिवार से लागू कर दी गई है।

इसके पर्यवेक्षण के लिए ट्रस्ट ने एक और पूर्व सैनिक को जोड़ते हुए चार कर्मियों की तैनाती कर दी है। गणना की प्रतिदिन रिपोर्टिंग के लिए ट्रस्ट के सुरक्षा प्रभारी कैप्टन केके तिवारी को वरिष्ठ प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा ट्रस्ट प्रतिनिधि के रूप में पूर्व सैनिक एसपी दुबे, शेषमणि तिवारी व शोभनाथ मिश्र भी नियुक्त किए गए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज अहम दिन
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर आज अहम दिन भी है। इस मामले में SIT ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिस पर आज चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी।

बता दें कि स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है।

यहां ये बात भी अहम है कि चढ़ावा चोरी से जुड़ी 4 अलग-अलग याचिकाएं भी SC में दाखिल की गई थीं, ऐसे में इनकी सुनवाई भी आज ही होगी।

राम मंदिर मामले की एसआईटी कर रही जांच
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे और कई लोग गिरफ्तार भी किए गए थे। SIT में लखनऊ मंडल के कमिश्नवर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस.और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन हैं।

बता दें कि ट्रस्ट की बैठक में पहले ही चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार किया जा चुका है। चंपत के पास महासचिव का पद था और अनिल मिश्रा ट्रस्टी हुआ करते थे। (रिपोर्ट- अखंड सिंह)

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