06 July, 2026 (Monday)

ग्रेटर नोएडा में हाथी दांत की तस्करी का भंडाफोड़, 20 लाख के दांत के साथ दो आरोपी हुए गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में पुलिस और वन विभाग ने रविवार शाम न्यू हैबतपुर के पास घेराबंदी कर हाथी दांत की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से हाथी दांत बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपए बताई जा रही है।
ग्रेटर नोएडा की बिसरख थाना पुलिस और वन विभाग की मिली-जुली टीम ने रविवार 5 जुलाई को जंगली जानवरों के दांतों की तस्करी करने वाले एक बड़े गैंग को पकड़ा है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से बहुत सारा प्रतिबंधित हाथी दांत मिला है, जिसकी डिमांड इंटरनेशनल मार्किट में काफी ज्यादा है। बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह के मुताबिक, रविवार को पुलिस और वन विभाग की टीम को क्षेत्र में प्रतिबंधित हाथी दांत की खरीद-फरोख्त से जुड़ी एक पुख्ता सूचना मिली थी।

घेराबंदी करके पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने तुरंत एक्शन लिया और गौर सिटी-2 स्थित न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास एक खाली प्लॉट के आसपास सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर दी। इस छापेमारी के दौरान मौके पर पहुंचे दोनों आरोपियों को जब पुलिस और वन विभाग की मौजूदगी का अहसास हुआ, तो वे हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने मौके से भागने की पूरी कोशिश की, लेकिन टीम की मजबूत और रणनीतिक घेराबंदी के कारण वे वहां से भाग नहीं सके और पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ कर गिरफ्तार कर लिया।

बुलंदशहर और गाजियाबाद के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए तस्करों की पहचान राजेंद्र और संदीप के रूप में हुई है। आरोपी राजेंद्र मूल रूप से ग्राम रिवाड़ा, थाना जहांगीराबाद, बुलंदशहर का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी संदीप खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी वर्तमान में बस्ती जिले के मुडियार गांव में रहे थे और वहीं से अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला किया गया दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि इंटरनेशनल मार्किट में हाथी दांत (Ivory) की तस्करी मुख्य रूप से महंगे आभूषण, बेशकीमती सजावटी सामान और कुछ पारंपरिक दवाइयां बनाने के लिए की जाती है। भारत से विदेशों में भी इसकी अवैध सप्लाई की जाती है। फिलहाल, पुलिस और वन विभाग की टीमें आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वे यह हाथी दांत कहां से लाए थे तथा इसे किसे डिलीवर किया जाना था। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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