05 June, 2026 (Friday)

भजनलाल कैबिनेट ने दी नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी, बड़े पैमाने पर खुलेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन

राजस्थान कैबिनेट ने शुक्रवार को ‘राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2026’ को मंज़ूरी दे दी। इस नीति का मकसद राज्य को एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब के तौर पर स्थापित करना है, जिसमें सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों पर खास फोकस रहेगा।
जयपुर: राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार की कैबिनेट की बैठक में पेट्रोल डीजल की बचत करने को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा गर्मी को लेकर भी व्यवस्थाएं बेहतर करने का फैसला लिया गया है। बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वह अपने स्तर से डीजल और पेट्रोल की बचत करने के बारे में निर्णय ले। जनप्रतिनिधियों से इस बारे में दूसरे लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई है।
कैबिनेट की बैठक में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर करने के बारे में का फैसला लिया गया है। तय किया गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर कर पेट्रोल और डीजल की बचत कराई जाएगी। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने का भी फैसला लिया गया है।

262 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे

सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में 262 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे। कैबिनेट और मंत्री परिषद की बैठक में गर्मी को लेकर भी खास चर्चा की गई। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने को कहा गया। मंत्रियों को अलग-अलग जिलों में बिजली पानी की सप्लाई की मॉनिटरिंग करनी होगी।

नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को भी मंजूरी

जिलों के दौरे पर नहीं होने पर मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करेंगे। बैठक में नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई है। इसे लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। उद्योग लगाने वालों को बड़े पैमाने पर राहत दिए जाने का फैसला लिया गया है। एक निश्चित समय के अंदर एनओसी नहीं मिलने पर उसे स्वतः मंजूर मान लिया जाएगा।

उद्योगों के काम ऑटो रिनुअल भी हो जाएंगे। व्यापारियों को ज्यादा दौड़ भाग नहीं करनी होगी। डाटा सेंटर और लाजिस्टिक केंद्र को अब उद्योग का दर्जा मिलेगा। बैठक में पेंशनर्स को भी बड़ी राहत दिए जाने का फैसला लिया गया है। पेंशनर अब घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए खुद के जीवित होने का प्रमाण पत्र दे सकेंगे। नान गैजेटेड अधिकारी भी अब जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने मीडिया को संबोधित किया।

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