17 April, 2026 (Friday)

लखनऊ में माता प्रसाद पांडेय को हाउस अरेस्ट की कोशिश बेकार, दिल्ली में होने की सूचना, आज नोएडा आएगा सपा प्रतिनिधिमंडल

सपा नेता माता प्रसाद पांडेय को लखनऊ में हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। खबर है कि सपा नेता दिल्ली में मौजूद हैं। इससे पहले सूचना थी कि पुलिस ने लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया है।
लखनऊः समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को लखनऊ में पुलिस हाउस अरेस्ट नहीं कर पाई। पुलिस सपा नेता माता प्रसाद पांडेय को नोएडा जाने से रोकने के लिए उन्हें उनके घर में नजरबंद करना चाहती थी लेकिन पता चला है कि वह लखनऊ में नहीं है। लखनऊ में माता प्रसाद पाण्डेय के घर के बाहर सन्नाटा है। वहां पर अब कोई पुलिस पहरा नहीं है।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर रोक सकती है पुलिस

रात में पुलिस फ़ोर्स उनके घर के बाहर आ गयी थी। पुलिस की तरफ से हाउस अरेस्ट की कोशिश हुई थी लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि माता प्रसाद पाण्डेय दिल्ली में मौजूद हैं। दिन में वे दिल्ली से नोएडा जाएंगे हालांकि दिल्ली नोएडा बॉर्डर पर उनको रोके जाने की संभावना है।

दरअसल, नोएडा के इंडस्ट्रियल बेल्ट में मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन शुरू होने के कुछ दिनों बाद राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी का 10 सदस्यों वाला एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मज़दूरों से मिलने नोएडा आने वाला है। इसका नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय को करना है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देशों पर सपा नेता आज नोएडा आने वाले हैं।

सपा के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन नेता शामिल

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी, सपा जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी, सपा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, सपा विधायक अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक और पूर्व एमएलसी शशांक यादव सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

वहीं, गुरुवार को नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की ज़ोर-ज़बरदस्ती का इस्तेमाल नहीं किया गया और कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई जो हिंसा, आगज़नी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल थे। गिरफ्तारियां केवल उन मामलों में की गईं जहां लोग सीधे तौर पर पत्थरबाज़ी, आगज़नी या सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में शामिल थे, जबकि कुछ अन्य लोगों पर परदे के पीछे से ऐसे कामों के लिए उकसाने का आरोप था।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *