11 April, 2026 (Saturday)

मुंबई: अवैध रूप से स्टोर किए गए 451 LPG सिलेंडर जब्त, कीमत 40.61 लाख रुपये, 8 वाहन भी पकड़े

जब्त किए गए सामान की कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि 19 किलो गैस वाले कमर्शियल सिलेंडर को अवैध तरीके से स्टोर करके रखा जा रहा था।
मुंबई में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां अवैध तरीके से स्टोर किए 451 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पश्चिम एशिया संकट के बीच LPG की कालाबाजारी पर कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को वाडीबंदर ब्रिज और डोंगरी इलाके से 451 गैस सिलेंडर और 8 वाहन जब्त किए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर बिना लाइसेंस के अवैध रूप से स्टोर और ट्रांसपोर्ट किए जा रहे थे। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 40.61 लाख रुपये बताई गई है।

विशेष सूचना पर कार्रवाई
यह छापेमारी नियंत्रक खाद्य वितरण एवं नागरिक आपूर्ति निदेशक चंद्रकांत डांगे को मिली विशेष सूचना के आधार पर की गई। कार्रवाई विशेष टीम ने गणेश बेल्लाळे, माधुरी शिंदे और प्रदीप यादव के नेतृत्व में की। जांच के दौरान ‘जय हिंद गैस एजेंसी’ पर सरकारी नियमों के उल्लंघन और अवैध भंडारण के आरोप लगे हैं। एजेंसी की मालिक नजमा सनारुल मंडल और संचालक सनारुल रहमतुल्ला मंडल के खिलाफ डोंगरी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
दिल्ली में प्रवासी मजदूरों को मिल रहे छोटे गैस सिलेंडर
दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों को पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को जिलाधिकारियों को विशेष शिविर लगाने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूर श्रेणी के तहत पांच किलोग्राम के सिलेंडरों के आवंटन में 100 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने इन सिलेंडरों की दैनिक उपलब्धता को 684 से बढ़ाकर 1,368 कर दिया है। बयान में कहा गया है कि इस बढ़े हुए आवंटन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों की अधिक संख्या वाले इलाकों में विशेष शिविर लगाएं।

आधार कार्ड दिखाकर मिलेंगे छोटे सिलेंडर
शिविर तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) और उनके अधिकृत एलपीजी वितरकों के साथ मिलकर लगाए जाएंगे। उपभोक्ता ‘आधार कार्ड’ को दिखाकर ये छोटे सिलेंडर खरीद सकेंगे। इसके अलावा, जिला प्रवर्तन टीमें इस पूरी प्रक्रिया में मांग का आकलन करने और वितरण की निगरानी करने का काम करेंगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनी रहे। बयान के मुताबिक, जिन मजदूरों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में दिक्कत हो रही है, वे अपने क्षेत्र में शिविर लगवाने के लिए संबंधित डीएम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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