दिल्ली विश्वविद्यालय में एक महीने के लिए सार्वजनिक आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध, जानें क्यों?
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने 17 फरवरी 2026 से एक महीने के लिए परिसर में सार्वजनिक मीटिंग, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और अन्य प्रोटेस्ट गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार द्वारा जारी किया गया है।
आदेश का मकसद और कारण
प्रॉक्टर कार्यालय ने बताया कि यह कदम हाल के अनुभवों और सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उठाया गया है। अनियंत्रित सार्वजनिक कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन ट्रैफिक बाधित करने, आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा करने और जनशांति भंग करने का कारण बन सकते हैं।
नियमों का उल्लंघन रोकने के उपाय
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टाफ को किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पहले कई मौकों पर आयोजक भीड़ नियंत्रण में असफल रहे, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई।
कानून-व्यवस्था और सरकारी निर्देश
आदेश में 26 दिसंबर 2025 को जारी पुलिस निर्देश का हवाला दिया गया है, जिसमें गृह मंत्रालय और भारत सरकार के नोटिफिकेशन के आधार पर ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई थी, जो शांति व्यवस्था या यातायात संचालन में बाधा बन सकती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
