10 March, 2026 (Tuesday)

अधिकारी रूस-चीन के प्रभाव को रोकने कनाडा में अपना प्रभाव बढ़ाएं

वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पश्चिमी गोलार्द्ध में ग्रीनलैंड के साथ-साथ अपने एक और टारगेट पर फोकस बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक हाल के हफ्तों में ट्रंप अपने सहयोगियों से लगातार शिकायत कर रहे हैं कि कनाडा के आर्कटिक क्षेत्र में रूस-चीन के सामने अमेरिका कमजोर पड़ रहा है। इस बातचीत की अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जैसे-जैसे ट्रंप के सलाहकार ग्रीनलैंड को हासिल करने के उनके लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, वैसे-वैसे ट्रंप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कनाडा अपनी सीमाओं की रक्षा करने में अक्षम है। वह चाहते हैं कि अधिकारी रूस-चीन के प्रभाव को रोकने के लिए कनाडा में अपना प्रभाव बढ़ाएं। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का तर्क है कि रूस या चीन की किसी भी घुसपैठ से निपटने के लिए कनाडा को अपने डिफेंस पर अधिक खर्च करना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप की बढ़ती चिंता से आर्कटिक की स्ट्रैटजी पर अंदरूनी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका इस साल कनाडा के साथ उसकी उत्तरी सीमा को मजबूत करने के लिए कोई समझौता कर सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध में अपनी पकड़ खोता जा रहा है और वह इस पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं। मौजूदा अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कनाडा की उत्तरी सीमा पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर कोई चर्चा नहीं हो रही है और ग्रीनलैंड के मामले के उलट, ट्रंप न तो कनाडा को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं और न ही ये कह रहे हैं कि वह अमेरिकी सैन्य बल के जरिए ऐसा करेंगे।
बता दें इस साल की शुरुआत में ट्रंप ने अमेरिकी सेना को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर अमेरिका लाने और वहां के तेल उद्योग पर अमेरिकी कब्जे का आदेश दिया था। उनके प्रशासन ने क्यूबा की सरकार को भी इसी तरह धमकियां दी हैं। उन्होंने कोलंबिया और मेक्सिको को भी चेतावनी दी है कि अगर इन देशों ने अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई नहीं रोकी तो वो वहां सैन्य हस्तक्षेप करेंगे। इसके अलावा ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि उनका प्रशासन ग्रीनलैंड को खरीदने या सैन्य बल के जरिए हासिल करने की योजना बना रहा है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप के इस प्लान का मकसद रूस और चीन को आर्कटिक में और ज्यादा मौजूदगी बनाने से रोकना है। ग्रीनलैंड अमेरिका के पास होने से कनाडा को भी फायदा होगा, लेकिन कनाडा ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे के खिलाफ रहा है। कनाडा का सार्वजनिक रुख यह है कि ग्रीनलैंड का भविष्य तय करना ग्रीनलैंड और डेनमार्क का अधिकार है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने कहा है कि कनाडा नाटो सहयोगी के रूप में डे
नमार्क के साथ खड़ा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed