अब एक ही जगह दिखेगा बैंक, PF और शेयर बाजार का पूरा हिसाब, सरकार करने जा रही है ये काम!
अब बैंक बैलेंस, पीएफ और शेयर बाजार के निवेश को अलग-अलग चेक करने का झंझट जल्द ही खत्म होने वाला है. वित्तीय नियामक (Regulators) एक ऐसे ‘सिंगल मंथली स्टेटमेंट’ पर काम कर रहे हैं, जिसमें आपकी सारी जमा-पूंजी, इंश्योरेंस और बचत का हिसाब एक ही जगह दिखेगा.
अब एक ही जगह दिखेगा बैंक, PF और शेयर बाजार का पूरा हिसाब, सरकार करने जा रही है ये काम!
एक जगह दिखेगा बैंक, PF और बीमा का पूरा पैसा
अगर आप भी हर महीने के आखिर में अपने अलग-अलग बैंक खातों, शेयर बाजार के निवेश और पीएफ (PF) बैलेंस को चेक करने के लिए दस तरह के ऐप और स्टेटमेंट खंगालते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर है. जल्द ही वह दिन आने वाला है जब आपको अपनी सारी जमा-पूंजी और निवेश का हिसाब-किताब अलग-अलग जगहों पर नहीं बल्कि एक ही ‘मासिक स्टेटमेंट’ (Monthly Statement) में मिल जाएगा. देश के वित्तीय नियामक (Regulators) एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं, जिससे आम आदमी को अपनी पूरी फाइनेंशियल हेल्थ का अपडेट एक ही कागज पर मिल सके.
महीने के आखिर में अब नहीं करनी होगी माथापच्ची
अक्सर ऐसा होता है बैंक में कितना बैलेंस बचा है, म्यूचुअल फंड में कितना पैसा बना, या इंश्योरेंस पॉलिसी का क्या स्टेटस है इसे जानने के लिए हमें अलग-अलग वेबसाइट्स या ऐप्स पर लॉग-इन करना पड़ता है. मौजूदा समय में म्यूचुअल फंड और बैंक अपनी-अपनी रिपोर्ट अलग भेजते हैं.
RBI और IRDAI के साथ महामंथन
इस बड़ी सुविधा को आप तक पहुंचाने के लिए शेयर बाजार के नियामक ‘सेबी’ (SEBI) ने पहल शुरू कर दी है. सेबी इस समय अन्य नियामकों के साथ बातचीत कर रहा है, जिनमें बैंकों का नियामक ‘आरबीआई’ (RBI), बीमा क्षेत्र का नियामक ‘इरडा’ (IRDAI) और पेंशन फंड नियामक ‘पीएफआरडीए’ (PFRDA) शामिल हैं.
सेबी चाहता है कि ‘कैस’ (CAS – Consolidated Account Statement) के दायरे को बढ़ाया जाए. अभी तक CAS डिस्क्लोजर में सीमित जानकारी होती थी, लेकिन अब योजना यह है कि इसमें अन्य निवेशों और बचत उत्पादों की जानकारी भी शामिल की जाए.
अभी क्या मिलता है ?
फिलहाल की स्थिति यह है कि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को हर महीने एक ‘कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट’ (CAS) मिलता है. इसमें आपके डीमैट अकाउंट में पड़ी सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड स्कीमों का ब्यौरा होता है. लेकिन, नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. चर्चा इस बात पर हो रही है कि इस स्टेटमेंट में इन चीजों को भी शामिल कर लिया जाए
आपके बैंक खातों की जानकारी.
छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) का विवरण.
इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स (Insurance Products).
बॉन्ड होल्डिंग्स (Bond Holdings).
प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को रेगुलेट करने वाले PFRDA को भी इस कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) में एकीकृत (Integrate) कर दिया गया है. यानी अब रेगुलेटर्स की कोशिश है कि शेयर बाजार, बैंक, इंश्योरेंस और पेंशन का पैसा एक ही छतरी के नीचे दिखाई दे.
