10 March, 2026 (Tuesday)

अमेरिकी सांसद ने की पीएम मोदी की तारीफ, महात्मा गांधी के बाद सबसे बड़ा नेता बताया

-रूस से तेल खरीदना हमें पसंद नहीं, लेकिन मोदी देश हित में ऐसा कर रहे हैं
वॉशिंगटन,(ईएमएस)। एक तरफ तो अमेरिका और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के अंदर पीएम मोदी के नेतृत्व की अमेरिका में सराहना हो रही है। अमेरिकी सांसदों ने पीएम मोदी को ऐसा अहम नेता बताया है, जो वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को नई दिशा दे रहा हैं। उनका कहना है कि वाशिंगटन पीएम मोदी के नेतृत्व को भारत-अमेरिका साझेदारी की दीर्घकालिक मजबूती के लिए केंद्रीय मानकर चल रहा है। वॉशिंगटन में मौजूद सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने पीएम मोदी की नीतियों और सोच की तारीफ की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मैककॉर्मिक ने कहा कि पीएम मोदी का दृष्टिकोण पूरी तरह से देशहित पर केंद्रित है और भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप है. वे अच्छे अर्थों में बेहद राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अपने देश का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे हम अपने देश का रखते हैं। वह भारत में उत्पादकता, विस्तार और नई तकनीकों को लाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सांसद पीएम मोदी की उस सोच को समझते हैं जिसमें वे रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में देश के भीतर क्षमता निर्माण पर जोर देते हैं।
रिच मैककॉर्मिक ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं। भारत की ओर से रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदे जाने का जिक्र करते हुए मैककॉर्मिक ने कहा कि हमें यह पसंद नहीं है, लेकिन वह अपने देश के हित में ऐसा कर रहे हैं ताकि सस्ती ऊर्जा के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को विस्तार दे सकें। मैककॉर्मिक ने यह भी कहा कि पीएम मोदी अमेरिका के साथ तालमेल की अहमियत को अच्छी तरह समझते हैं। वह जानते हैं कि हम विचारधारा के स्तर पर समान सोच रखते हैं।
मैककॉर्मिक ने यह भी कहा कि मेरे विचार से पीएम मोदी आधुनिक इतिहास के सबसे लोकप्रिय राजनेता हैं। वह शायद महात्मा गांधी के बाद सबसे लोकप्रिय नेता हैं। कार्यक्रम में मौजूद भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने कहा कि पीएम मोदी का कार्यकाल भारत के वैश्विक उभार के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत हमारी पूरी इंडो-पैसिफिक रणनीति का एक बेहद अहम हिस्सा है और यह रणनीतिक सोच कई अमेरिकी प्रशासन में लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार और बढ़ते आत्मविश्वास ने वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक समीकरणों को नए सिरे से आकार देना शुरू कर दिया है।

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