10 March, 2026 (Tuesday)

डोनेशिया के वृद्धाश्रम में भीषण आग, 16 बुज़ुर्गों की मौत

जकार्ता (ईएमएस)। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। उत्तरी सुलावेसी प्रांत की राजधानी मनाडो में स्थित एक वृद्धाश्रम (नर्सिंग होम) में भीषण आग लगने से कम से कम 16 बुज़ुर्गों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना रविवार रात की है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आग लगने की सूचना रविवार रात करीब 8 बजकर 31 मिनट पर दमकल विभाग को मिली। मनाडो शहर के फायर एंड रेस्क्यू एजेंसी प्रमुख जिमी रोटिनसुलु ने बताया कि आग एक नर्सिंग होम में लगी, जहां बड़ी संख्या में बुज़ुर्ग रह रहे थे। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जिमी रोटिनसुलु ने बताया कि मृतकों में अधिकांश बुज़ुर्ग अपने-अपने कमरों के अंदर पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि आग लगने के समय अधिकतर बुज़ुर्ग रात में आराम कर रहे थे और अचानक आग फैलने के कारण बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। वृद्धाश्रम में रहने वाले कई लोग चलने-फिरने में असमर्थ थे, जिससे वे आग से बच नहीं पाए।
दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से 12 बुज़ुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इन सभी को एहतियात के तौर पर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, तीन अन्य लोग आग में झुलस गए, जिनका इलाज जारी है।हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को भायंगकारा अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय टीवी चैनल मेट्रो टीवी द्वारा प्रसारित फुटेज में देखा गया कि किस तरह आग ने पूरे वृद्धाश्रम को अपनी चपेट में ले लिया था। चारों तरफ धुआं और लपटें उठ रही थीं, जबकि स्थानीय लोग और राहतकर्मी बुज़ुर्गों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। एक दृश्य में कुछ लोग एक बुज़ुर्ग को सहारा देकर बाहर ले जाते हुए नजर आए।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सही वजह सामने आ सकेगी।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया में इस तरह की आग की घटनाएं असामान्य नहीं हैं। हाल ही में इस महीने जकार्ता में एक सात मंजिला इमारत में लगी आग में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, वर्ष 2023 में देश के पूर्वी हिस्से में एक निकल प्रोसेसिंग प्लांट में हुए विस्फोट में 12 लोगों की जान चली गई थी।
इस हादसे के बाद एक बार फिर इंडोनेशिया में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर वृद्धाश्रम जैसे स्थानों में, जहां रहने वाले लोग स्वयं आपात स्थिति में बाहर निकलने में असमर्थ होते हैं, वहां अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

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