06 June, 2026 (Saturday)

न्यू ईयर के मौके पर खुल जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने दिया अपडेट

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द ही आम लोगों के लिए खुलने वाला है. यह एक्सप्रेस-वे 212 किमी लंबा, 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे 12,000 करोड़ की लागत से बना है. वन्यजीवों के लिए अंडरपास और एलिवेटेड रोड इसे खास बनाते हैं, जो पर्यावरण और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा.
न्यू ईयर के मौके पर खुल जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, नितिन गडकरी ने दिया अपडेट

दिल्ली से देहरादून का सफर अब और भी आसान हो जाएगा. लोगों के जिस एक्सप्रसेवे का वर्षों से इंतजार था उसको लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सफर लोग के लिए एक यादगार एक्सपीरिएंस बनने वाला है. लोग सालों से जिस एक्सप्रेसवे का इंतजार कर रहे थे, उसे लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिया है कि यह एक्सप्रेसवे अगले 10 से 15 दिनों में आम लोगों के लिए खुल जाएगा. इसके शुरू होते ही दिल्ली से देहरादून तक का सफर महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जिसे अभी पूरा करने में करीब 6 से 6.5 घंटे का समय लगता है.

दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि इस 212 किलोमीटर लंबे, 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय भी मांगा है. करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह मेगा प्रोजेक्ट देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में से एक होगा.

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण चार हिस्सों में हुआ है. इसकी शुरुआत दिल्ली में अक्षरधाम और शास्त्री पार्क क्षेत्र से हुई थी. इसके बाद यह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से जुड़कर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड के देहरादून तक जाता है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी. इसके साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

क्या है खासियत?
इस एक्सप्रेसवे को वाइल्डलाइफ फ्रेंडली बनाया गया है. यही इसे खास बनाता है. इसे केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. गणेशपुर से देहरादून के बीच का हिस्सा वाइल्डलाइफ फ्रेंडली के तौर पर डेवलप किया गया है. यहां करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बना है, जो जंगलों और नदियों के ऊपर से गुजरता है. वहीं वन्यजीवों की आवाजाही के लिए 6 एनिमल अंडरपास, 2 हाथी अंडरपास, 2 बड़े और 13 छोटे पुल बनाए गए हैं.

क्यों कहा जा रहा नेचर कॉरिडोर?
सहारनपुर-उत्तराखंड बॉर्डर से शुरू होने वाला एलिवेटेड रोड रिस्पना और बिंदल दो नदी के ऊपर से होकर गुजरता है. यहां से सफर करते वक्त चारों ओर हरियाली, पहाड़ और नीचे बहती नदियों का नजारा लोगों के लिए एक अच्छा अनुभव साबित होगा. यही वजह है कि इसे सिर्फ एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि नेचर कॉरिडोर भी कहा जा रहा है.

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