बिहार नतीजों पर दिल्ली में कांग्रेस का मंथन, खरगे-राहुल की मीटिंग में तय की गई रणनीति
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक हुई. बैठक के बाद कांग्रेस नेतृत्व इस बात पर सहमत है हुआ कि बिहार में वोट चोरी और SIR के दुरुपयोग के अलावा महागठबंधन की बुरी तरह हार के पीछे राजद के फ्रेंडली फाइट की जिद की बड़ी भूमिका रही.
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक हुई. बैठक के बाद कांग्रेस नेतृत्व इस बात पर सहमत है हुआ कि बिहार में वोट चोरी और SIR के दुरुपयोग के अलावा महागठबंधन की बुरी तरह हार के पीछे राजद के फ्रेंडली फाइट की जिद की बड़ी भूमिका रही. ऐसा लगा जैसे राजद चुनाव जीतने के बजाय विपक्ष में बैठने की अपनी भूमिका पहले ही तय कर चुका था.
मुकेश साहनी कर रहे थे राजद के प्रभाव में काम
बिहार में टिकट वितरण से लेकर आपसी समन्वय में राजद का उदासीन रवैया आश्चर्यचकित करने वाला था. मुकेश साहनी पूरी तरह राजद के प्रभाव में काम कर रहे थे. उनको डिप्टी सीएम बनाने का एलान करना गलत फ़ैसला था. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने अब बिहार में दीर्घकालीन “एकला चलो” की रणनीति अपनाने का फैसला किया है. इस रणनीति के तहत कांग्रेस अब पूरे बिहार में अपने संगठन को मजबूत करने और अतीत के अपने परंपरागत वोट बैंक को साधने के लिए गठबंधन की बेड़ी तोड़कर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगी. कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में हारे हुए अपने प्रत्याशियों को भविष्य की पूजी की तरह इस्तेमाल करेगी.
पार्टी के हित में काम करने की दी जाएगी हिदायत
बिहार में कांग्रेस अब हारे हुए प्रत्याशियों को जिसमें सभी धर्म और जात के लोग हैं. उनको जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा. पार्टी के भीतर गठबंधन के पैरवीकार और राजद के शुभचिंतक, गठबंधन का सहारा लेकर चुनाव जीतने के दलील देने वाले नेताओं को अब सीधे पार्टी के हित में काम करने की हिदायत दिया जाएगा. टीम में कोई बदलाव नहीं होगा यानी राजेश राम प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे और कृष्णा अल्लावरु पर भी गाज नहीं गिरेगी. प्रदेश कमिटी का गठन होगा.
