अग्निवीर की सीधी भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव, हरियाणा सरकारी नौकरी में पहले बैच को 5 साल और अन्य को 3 वर्ष की छूट
Agni veer: हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की सीधी भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आयु सीमा में छूट की अवधि बढ़ा दी है. अब पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम 5 साल की छूट मिलेगी.
इंडियन आर्मी समेत इंडियन एयरफोर्स वह अन्य सेना बल में सेवा दे रहे अग्रिवीरों के लिए खुशखबरी है.हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने के सीधी भर्ती नियमाें में बड़ा बदलाव किया है. इस बदलाव के तहत अग्निवीर पहले बैच के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी में आयु सीमा में अधिकतम 5 साल की छूट मिलेगी. वहीं इस बदलाव के तहत अन्य बैच के अभ्यर्थियों को 3 साल की छूट मिलेगी. इस संबंध का आदेशमुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जारी कर दिया है.प्रदेश केसभी विभागों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों तथा क्षेत्रीय कार्यालयों को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
आइए जानते हैं कि इसका फायदा कौन उठा सकता है? हरियाणा से अभी तक कुल कितने अग्निवीरों की भर्ती हुई है.
हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीर को छूट
हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने के सीधी भर्ती नियमाें में बड़ा बदलाव किया है. ये बदलाव आयु सीमा के नियमों को लेकर किया गया है. इसका फायदा हरियाणा के मूल निवासी ही कर सकते हैं. यानी हरियाणा मूल निवासी अग्रिवीर सेवाकाल से लाैटने के बाद सरकारी नौकरी के लिए आवेदन के समय इसका लाभ ले सकते हैं.
हरियाणा से अब तक 7 हजार से अधिक अग्निवीरों की भर्ती
हरियाणा से अभी तक 7 हजार से अधिक अग्निवीरों की भर्ती हो चुकी है. असल में साल 2022 में अग्निवीर का पहला बैच भर्ती हुआ था, जो 4 साल की सेवा के बाद 2027 में रिटायर्ड हुआ था. 2022 में यानी पहले बैच में हरियाणा से 2227 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी. तो वहीं 2023-24 में 2893 और 2024-25 में 2108 अग्निवीरों का चयन किया है. इस तरह 7 हजार से अधिक अग्निवीर हरियाणा से भर्ती हुए हैं.
क्या है अग्निवीर सेवा
भारतीय सेना, इंडियन एयरफोस, इंडियन नेवी में अग्निवीरो की भर्ती का प्रावधान किया गया है. अग्निवीरों की भर्ती 4 साल के लिए की जाती है. हालांकि एक बैच में भर्ती में हुए 25 फीसदी अग्निवीरों को सेवा में नियमित किए जाने का प्रावधान है, जबकि 75 फीसदी 4 साल के सेवाकाल के बाद रिटायर्ड हाेने हैं. इन 75 फीसदी अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में वरीयता देने के लिए राज्य सरकारें काम कर रही हैं.
