06 June, 2026 (Saturday)

चौंकाने वाला खुलासा: गनीमत रही बम बनाने में गलती कर गए आतंकी, नहीं तो क्या होता?

नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुए शक्तिशाली विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। जांच में हुए खुलासों को लेकर बताया जा रहा है कि आईईडी बनाने में कई तरह की गलतियां आतंकियों ने की थी। जिसके कारण आरोपियों के मंशूबे पूरे नहीं हो पाए। नहीं तो न जाने कितने लोगों की जान चली जाती।

अधिकारी ने आगे बताया कि खुफिया मूल्यांकन से आईईडी के दोषपूर्ण निर्माण का पता चला। जिसने इसके विनाश को सीमित रखा। विस्फोटक समय पूर्व फट गया और पूर्ण विकसित नहीं था। परिणामस्वरूप कोई क्रेटर नहीं बना, न ही छर्रे बरामद हुए, उन्होंने स्पष्ट किया। यह घटना आतंक के मंसूबों को उजागर करती है, जबकि जांच जारी है। वर्तमान में फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर प्रयुक्त विस्फोटक की पहचान हेतु गहन जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह धमाका फरीदाबाद में छापेमारी दौरान बरामद हजारों किलोग्राम संदिग्ध सामग्री से सीधे जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सूत्रों के हवाले से एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया, संदिग्ध व्यक्ति फरीदाबाद रेड से भयभीत होकर सामग्री स्थानांतरित करने की जल्दबाजी में था, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ गई। मूल योजना आत्मघाती हमला थी, किंतु परिवहन के दौरान अनजाने में विस्फोट हो गया। जांच एजेंसियां आत्मघाती हमले सहित विविध कोणों से मामले की तहकीकात कर रही हैं।

शुरुआत में माना जा रहा था कि धमाके के दौरान कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन अब साफ हो गया है कि सिर्फ उमर ही कार में था। वह टेरर मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद से ही फरार था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कार में करीब 3 घंटे इंतजार के दौरान इंटरनेट पर फरीदाबाद में सहयोगियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी जुटाई थी। जांचकर्ताओं को उमर के वाहन कहां-कहां गया इसकी 11 घंटों की जानकारी मिल चुकी है। जांचकर्ताओं का कहना है कि उमर कार में कथित तौर पर विस्फोटक लेकर चल रहा था, जो संभावित रूप से अमोनियम नाइट्रेट हो सकता है। पुलिस जांच जम्मू और कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले डॉक्टर उमर नबी तक पहुंची है। खास बात है कि जिस आई20 कार में धमाका हुआ, उसे उमर ही चला रहा था। कथित तौर पर उसके तार हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली-एनसीआर और पुलवामा में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी से घबराकर धमाका किया गया था।

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