06 June, 2026 (Saturday)

मुझे यकीन है भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंध और गहरे व मजबूत होंगे

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज और उप-प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर बात हुई। राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज के साथ मुलाकात हुई। उन्होंने भारत के साथ अपने जुड़ाव को याद किया। मुझे यकीन है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंध और गहरे व मजबूत होंगे।

वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए लिखा- रिचर्ड मार्लेस के साथ सार्थक बैठक हुई। हमने रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों समेत भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग के सभी आयामों की समीक्षा की। हमने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मैंने भारत के रक्षा उद्योग के तेजी से हो रहे विकास और वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली रक्षा तकनीक के विश्वसनीय स्रोत के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि हमने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा उद्योग में गहरी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की। राजनाथ ने सीमा पार आतंकवाद से निपटने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ऑस्ट्रेलिया के दृढ़ समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम मिलकर एक स्वतंत्र, खुला और लचीला हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने करने के लिए अपने सहयोग को और गहरा करेंगे।

वहीं दूसरी ओर पीएम अल्बानीज ने सोशल मीडिया पर लिखा- ऑस्ट्रेलिया और भारत की रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है, जो विश्वास, साझा हितों और एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है। ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों की पहली वार्ता के लिए ऑस्ट्रेलिया की अपनी पहली यात्रा पर भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर बहुत खुशी हुई। ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने एक्स पोस्ट में लिखा- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों की पहली वार्ता में एक सार्थक बैठक हुई। 12 सालों में यह पहली बार है जब किसी भारतीय रक्षा मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया है और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना शानदार रहा। शीर्ष स्तरीय सुरक्षा साझेदारों के रूप में, हमने सेनाओं के बीच संयुक्त और बहुपक्षीय अभ्यासों में संवाद, सहयोग और जटिलता को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।

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