05 June, 2026 (Friday)

अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौता हो, जिसमें हमारी रेड लाइंस का सम्मान किया जाए: जयशंकर

नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में हो रही देरी और रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए टैरिफ पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि ये बात सही है कि अमेरिका के साथ हमारे कुछ मुद्दे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि हम अभी तक ट्रेड डील के लिए किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। यही वजह है कि भारत पर एक निश्चित टैरिफ लगाया गया है। इसके अलावा एक दूसरा टैरिफ भी है, जिसे हम बहुत अनुचित मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर दूसरा टैरिफ रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें वो देश भी शामिल हैं, जिनके रूस के साथ संबंध हमारे मुकाबले कहीं ज्यादा प्रतिकूल हैं।
जयशंकर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमें इसे इस हद तक ले जाना चाहिए कि यह संबंधों के हर पहलू तक पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि समस्याएं हैं, मुद्दे हैं, लेकिन उन मुद्दों पर बातचीत और समाधान जरुरी है और यही हम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ एक व्यापारिक समझौता होना चाहिए, लेकिन ऐसा होना चाहिए, जिसमें हमारी रेड लाइंस का सम्मान किया जाए। दूसरी तरफ जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति का मुख्य आधार है ज्यादा से ज्यादा उपयोगी रिश्ते बनाना, लेकिन यह तय करना कि ये रिश्ते किसी एक देश के साथ विशेष न हों, जिससे दूसरे देशों के साथ अवसरों का नुकसान हो। इसे मल्टी-अलाइनमेंट नीति कहा जाता है, जिसका मतलब है कि भारत अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के साथ समान रूप से अच्छे संबंध बनाए रखे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि इस नीति को अपनाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हर देश के अलग-अलग हित होते हैं। इस कारण भारत को हर स्थिति में समझदारी से काम लेना होता है ताकि सभी के साथ संतुलित और लाभकारी रिश्ते बने रहें। हमें अपनी राष्ट्रीय शक्ति के हर पहलू को मजबूत करना होगा। पिछले दस सालों में भारत ने इस दिशा में ठोस आधार बनाया है। आने वाले पांच साल वैश्विक स्तर पर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे क्योंकि दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन भारत आत्मविश्वास और मजबूती के साथ इन चुनौतियों का सामना करेगा।
सिराज/ईएमएस 06अक्टूबर25

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *